Headline
उपराष्ट्रपति ने एम्स ऋषिकेश के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया*
चारधाम यात्रा से खिलवाड़ पर सख्त कार्रवाई, भ्रामक वीडियो पर FIR दर्ज*  *आस्था पर प्रहार नहीं सहेंगे: चारधाम यात्रा पर अफवाह फैलाने वालों पर शिकंजा*
चारधाम यात्रा से खिलवाड़ पर सख्त कार्रवाई, भ्रामक वीडियो पर FIR दर्ज* *आस्था पर प्रहार नहीं सहेंगे: चारधाम यात्रा पर अफवाह फैलाने वालों पर शिकंजा*
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खुले भगवान श्री बद्रीनाथ के कपाट, आस्था और उल्लास से गूंजा धाम*
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खुले भगवान श्री बद्रीनाथ के कपाट, आस्था और उल्लास से गूंजा धाम*
प्रधानमंत्री ने फिर व्यक्त की बाबा केदार में अटूट श्रद्धा* *सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए, केदारनाथ धाम के पिछले दौरों की तस्वीरें जारी की*
मुख्यमंत्री धामी ने ग्राउंड जीरो पर उतरकर बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान की गहन समीक्षा की*
मुख्यमंत्री धामी पहुंचे भारत के प्रथम सीमांत गांव माणा,*  *विकास कार्यों का लिया जायजा*  *शत-प्रतिशत “लखपति दीदी” गांव माणा बना आत्मनिर्भरता का मॉडल*
मुख्यमंत्री धामी पहुंचे भारत के प्रथम सीमांत गांव माणा,* *विकास कार्यों का लिया जायजा* *शत-प्रतिशत “लखपति दीदी” गांव माणा बना आत्मनिर्भरता का मॉडल*
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चारधाम यात्रा के लिए प्रेषित की शुभकामनाएं* *डिजिटल उपवास पर रहते हुए, उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लें तीर्थयात्री*
श्रद्धा, आस्था और दिव्यता की अद्भुत त्रिवेणी ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ के कपाट विधि-विधान के साथ खुले*
श्रद्धा, आस्था और दिव्यता की अद्भुत त्रिवेणी ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ के कपाट विधि-विधान के साथ खुले*
नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर सीएम धामी का विपक्ष पर तीखा प्रहार — “महिलाओं के अधिकारों में बाधा डालने वालों को मातृशक्ति देगी करारा जवाब”*
नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर सीएम धामी का विपक्ष पर तीखा प्रहार — “महिलाओं के अधिकारों में बाधा डालने वालों को मातृशक्ति देगी करारा जवाब”*

संविधान हत्या दिवस हमें तत्कालीन प्रधानमंत्री की तानाशाही मानसिकता की याद दिलाता है- उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ 

संविधान हत्या दिवस हमें तत्कालीन प्रधानमंत्री की तानाशाही मानसिकता की याद दिलाता है- उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ 

नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने संविधान की अवहेलना और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति चिंता जताते हुए कहा कि भारत के इतिहास में आपातकाल एक काला अध्याय था। उन्होंने संविधान हत्या दिवस की चर्चा करते हुए इसे तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तानाशाही मानसिकता का प्रतीक बताया, जिसने आपातकाल लगाकर लोकतंत्र का गला घोंट दिया। धनखड़ ने कहा, “संविधान हत्या दिवस हमें याद दिलाता है कि 25 जून 1975 को आपातकाल लागू कर देश के नागरिकों के अधिकारों को कुचल दिया गया था। यह भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला दौर था।”

उन्होंने संविधान और आरक्षण के महत्व पर भी चर्चा करते हुए कहा कि कुछ लोग आज भी आरक्षण को समाप्त करने की बात कर रहे हैं, जो संविधान के प्रति अवमानना है। उन्होंने कहा, “आरक्षण हमारे संविधान की आत्मा है और इसे समाप्त करने की कोई भी कोशिश संविधान के खिलाफ है।” इस मौके पर उपराष्ट्रपति ने बाबा साहब अंबेडकर को भारत रत्न देर से दिए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि मंडल आयोग की सिफारिशें भी कई वर्षों तक लागू नहीं की गईं, जो एक अन्यायपूर्ण मानसिकता का परिणाम था। उपराष्ट्रपति ने युवाओं को आपातकाल के दिनों के बारे में जागरूक करने की अपील की और कहा कि इस दिन को हमेशा याद रखना चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी तानाशाही प्रवृत्तियां लोकतंत्र को खतरे में न डाल सकें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top