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वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खुले भगवान श्री बद्रीनाथ के कपाट, आस्था और उल्लास से गूंजा धाम*
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प्रधानमंत्री ने फिर व्यक्त की बाबा केदार में अटूट श्रद्धा* *सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए, केदारनाथ धाम के पिछले दौरों की तस्वीरें जारी की*
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मुख्यमंत्री धामी पहुंचे भारत के प्रथम सीमांत गांव माणा,*  *विकास कार्यों का लिया जायजा*  *शत-प्रतिशत “लखपति दीदी” गांव माणा बना आत्मनिर्भरता का मॉडल*
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चारधाम यात्रा के लिए प्रेषित की शुभकामनाएं* *डिजिटल उपवास पर रहते हुए, उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लें तीर्थयात्री*
श्रद्धा, आस्था और दिव्यता की अद्भुत त्रिवेणी ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ के कपाट विधि-विधान के साथ खुले*
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नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर सीएम धामी का विपक्ष पर तीखा प्रहार — “महिलाओं के अधिकारों में बाधा डालने वालों को मातृशक्ति देगी करारा जवाब”*
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इस वर्ष 26 जनवरी को उत्तराखंड के एक भी बच्चे को नहीं मिलेगा राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार

इस वर्ष 26 जनवरी को उत्तराखंड के एक भी बच्चे को नहीं मिलेगा राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार

हर साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर बहादुर बच्चों को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार दिया जाता है,लेकिन इस वर्ष उत्तराखंड के बच्चों को यह पुरस्कार नहीं मिलेगा।

उत्तराखंड के प्रत्येक जिले के डीएम, एसएसपी,शिक्षा निर्देशक  से बहादुर बच्चों के आवेदन मांगे गए थे,लेकिन अंतिम तिथि 31 अक्टूबर तक  आवेदन नहीं भेजे गए । एकमात्र आवेदन बागेश्वर जिले से आया था लेकिन सीईओ ने उसकी जांच ही नहीं की।

वीरतापूर्ण कार्य करने के लिए यह पुरस्कार 6 से 18 वर्ष की आयु के उन बच्चों को दिया जाता है जिन्होंने साहसी कार्य किया हो। उत्तराखंड में एक नहीं अनेक बच्चे हैं,जो इस पुरस्कार के हकदार हैं।जिन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए दूसरे की जान बचाई। इसके बावजूद भी उत्तराखंड के बच्चों को यह पुरस्कार नहीं मिलेगा।

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