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इस वर्ष 26 जनवरी को उत्तराखंड के एक भी बच्चे को नहीं मिलेगा राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार

इस वर्ष 26 जनवरी को उत्तराखंड के एक भी बच्चे को नहीं मिलेगा राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार

हर साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर बहादुर बच्चों को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार दिया जाता है,लेकिन इस वर्ष उत्तराखंड के बच्चों को यह पुरस्कार नहीं मिलेगा।

उत्तराखंड के प्रत्येक जिले के डीएम, एसएसपी,शिक्षा निर्देशक  से बहादुर बच्चों के आवेदन मांगे गए थे,लेकिन अंतिम तिथि 31 अक्टूबर तक  आवेदन नहीं भेजे गए । एकमात्र आवेदन बागेश्वर जिले से आया था लेकिन सीईओ ने उसकी जांच ही नहीं की।

वीरतापूर्ण कार्य करने के लिए यह पुरस्कार 6 से 18 वर्ष की आयु के उन बच्चों को दिया जाता है जिन्होंने साहसी कार्य किया हो। उत्तराखंड में एक नहीं अनेक बच्चे हैं,जो इस पुरस्कार के हकदार हैं।जिन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए दूसरे की जान बचाई। इसके बावजूद भी उत्तराखंड के बच्चों को यह पुरस्कार नहीं मिलेगा।

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