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*मुख्यमंत्री ने ‘ज्ञान गंगा सम्मान समारोह’ में शिक्षकों को किया सम्मानित, मेधावी विद्यार्थियों को प्रदान की छात्रवृत्ति*
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कुंभ मेला 2027 के लिए उत्तराखंड को अतिरिक्त खाद्यान्न आवंटित,मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में तंजानिया स्थित अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो का सफल आरोहण करने वाले उत्तराखंड के नन्हे पर्वतारोही मास्टर रियांश पंत और प्रिशा रावत ने भेंट की।
मुख्यमंत्री ने किया ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ*  *प्रथम चरण में 11 हजार छात्र-छात्राओं को निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग से जोड़ा जाएगा*
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*हिमालय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘हिमालयो नाम नगाधिराजः’ कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री*  *मुख्यमंत्री की घोषणा-हर वर्ष प्रदान किया जाएगा ‘हिमालय विभूति सम्मान’*
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उत्तराखंड में आज से शुरू होने जा रही मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना*  *मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज करेंगे मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना का शुभारंभ*
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने देखी आध्यात्मिक फिल्म ‘हनुमान अंश’, नीम करौली बाबा की भक्ति और सेवा भावना से हुए अभिभूत*
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स्वास्थ्य मंत्री ने फार्मेसी अधिकारियों की समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को दिये आवश्यक कार्यवाही के निर्देश*
पशुपालन तथा गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग के 101 नवनियुक्त कार्मिकों को मुख्यमंत्री ने प्रदान किए नियुक्ति पत्र*
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डायबिटीज को करना चाहते हैं कंट्रोल, तो इन दो प्रकार के आटे को करें अपने आहार में शामिल, मिलेगा लाभ 

डायबिटीज को करना चाहते हैं कंट्रोल, तो इन दो प्रकार के आटे को करें अपने आहार में शामिल, मिलेगा लाभ 

डायबिटीज एक गंभीर बीमारी है जिसका खतरा सभी उम्र के लोगों में देखा जा रहा है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी इसका शिकार पाए जा रहे हैं। लाइफस्टाल और खान-पान में गड़बड़ी के कारण होने वाली इस बीमारी पर अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो इसके जानलेवा दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, डायबिटीज से बचे रहना है या फिर इसे कंट्रोल में रखना है तो सबसे पहले अपने आहार में सुधार कर लें। खाने में लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स, लो कैलोरी और हाई फाइबर वाली चीजों को अधिक मात्रा में शामिल करें।

एक्सपर्ट्स कहते हैं, डायबिटीज को कंट्रोल में रखने के लिए आपको आटे में भी बदलाव करना चाहिए। अध्ययनों में दो प्रकार के आटे को डायबिटीज को कंट्रोल में रखने में लाभकारी प्रभावों वाला पाया गया है।

सोयाबीन के आटे को आहार में करें शामिल

शोध से पता चलता है कि मधुमेह में सोयाबीन का आटा खाना आपके लिए लाभप्रद हो सकता है। सोयाबीन लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाला होने के साथ फाइबर और प्रोटीन का भी अच्छा स्रोत है जिससे शरीर में इंसुलिन के स्तर को बेहतर रखने में मदद मिलती है।

सोयाबीन के आटे में सोडियम, पोटेशियम, आयरन और प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो हड्डियों को पोषण देते हैं और टूटने के खतरे को कम करते हैं। इस आटे के सेवन से मांसपेशियों में होने वाले दर्द में भी काफी राहत मिलती है। अगर आप लंबे समय से अपने मोटापे को कम करने के लिए प्रयास कर रहे हैं तो डाइट में सोयाबीन के आटे से बनी रोटी को शामिल कर सकते हैं।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

इस आटे से बनी रोटी के सेवन से पेट लंबे समय तक भरा रहता है और आप अतिरिक्त खाने से बच जाते हैं। जिससे धीरे-धीरे वजन कम होने लगता है, इससे डायबिटीज भी कंट्रोल में आने लगती है। बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी इसके लाभ देखे गए हैं, जिससे हार्ट अटैक और हार्ट स्ट्रोक का खतरा भी कम हो सकता है।

आहार विशेषज्ञ नेहा पठानिया कहती हैं, सोयाबीन के आटे का ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी कम होता है और इसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा भी कम होती है। मधुमेह के मरीजों के लिए इस आटे से बनी रोटी काफी फायदेमंद होती है। हालांकि अगर आपको कोई बीमारी या एलर्जी की समस्या है, तो आहार विशेषज्ञ की सलाह के बाद ही सोयाबीन आटे का सेवन करें। इसे गेहूं के आटे में मिलाकर इसकी रोटियां बनाकर भी खाई जा सकती है।

डायबिटीज में फायदेमंद है कटहल का आटा

सोयाबीन की ही तरह हरे कटहल के आटे को भी अध्ययनों में डायबिटीज के मरीजों लिए फायदेमंद पाया गया है। शोधकर्ताओं ने बताया कि हरे कटहल के आटे का इस्तेमाल करने से टाइप-2 डायबिटीज के रोगियों को काफी लाभ मिल सकता है।

कटहल का आटा मधुमेह रोगियों में प्लाज्मा शर्करा के स्तर को कम करने और ग्लाइकोसिलेटेड हीमोग्लोबिन (HbA1c) को नियंत्रित करने में काफी कारगर गया था। ग्लाइकोसिलेटेड हीमोग्लोबिन का बढ़ना, मधुमेह का संकेत माना जाता है।

मरीजों पर देखे गए अच्छे परिणाम

शोधकर्ताओं ने हरे कटहल के आटे के प्रभाव को जानने के लिए 12 सप्ताह तक 40 प्रतिभागियों (24 पुरुषों और 16 महिलाओं) पर अध्ययन किया। प्रतिभागियों को दैनिक भोजन के साथ हरे कटहल के आटे से तैयार चीजें खाने को दी गईं।

इस अध्ययन के परिणाम को अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन के वार्षिक सम्मेलन में रखा गया। शोधकर्ताओं ने बताया कि हरे कटहल के आटे के नियमित सेवन से टाइप-2 डायबिटीज रोगियों में ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

(साभार)

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