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*मुख्यमंत्री ने ‘ज्ञान गंगा सम्मान समारोह’ में शिक्षकों को किया सम्मानित, मेधावी विद्यार्थियों को प्रदान की छात्रवृत्ति*
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कुंभ मेला 2027 के लिए उत्तराखंड को अतिरिक्त खाद्यान्न आवंटित,मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में तंजानिया स्थित अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो का सफल आरोहण करने वाले उत्तराखंड के नन्हे पर्वतारोही मास्टर रियांश पंत और प्रिशा रावत ने भेंट की।
मुख्यमंत्री ने किया ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ*  *प्रथम चरण में 11 हजार छात्र-छात्राओं को निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग से जोड़ा जाएगा*
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*हिमालय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘हिमालयो नाम नगाधिराजः’ कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री*  *मुख्यमंत्री की घोषणा-हर वर्ष प्रदान किया जाएगा ‘हिमालय विभूति सम्मान’*
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उत्तराखंड में आज से शुरू होने जा रही मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना*  *मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज करेंगे मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना का शुभारंभ*
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने देखी आध्यात्मिक फिल्म ‘हनुमान अंश’, नीम करौली बाबा की भक्ति और सेवा भावना से हुए अभिभूत*
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स्वास्थ्य मंत्री ने फार्मेसी अधिकारियों की समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को दिये आवश्यक कार्यवाही के निर्देश*
पशुपालन तथा गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग के 101 नवनियुक्त कार्मिकों को मुख्यमंत्री ने प्रदान किए नियुक्ति पत्र*
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दिल्ली में दिसंबर 2026 तक ‘सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों’ को पूरी तरह बना देंगे कार्यात्मक 

दिल्ली में दिसंबर 2026 तक ‘सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों’ को पूरी तरह बना देंगे कार्यात्मक 

दिसंबर 2027 तक यमुना को कर दिया जाएगा साफ 

‘सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट’ से यमुना को साफ करने में मिलेगी मदद 

यमुना में करीब 30 बड़े नाले डालते है अनुपचारित अपशिष्ट जल 

नई दिल्ली। जनवरी 2027 से यमुना में सीवरेज का गंदा पानी नहीं गिरेगा। दिसंबर 2026 तक दिल्ली में बनाए गए सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट शुरू कर दिए जाएंगे। इनकी मदद से यमुना को साफ करने में मदद मिलेगी। दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली के मुख्य सचिव के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक के बाद इस दिशा में काम शुरू हो गया है। इसके तहत यमुना में सीवेज और औद्योगिक अपशिष्टों के प्रवाह को पूरी तरह से रोकने के लिए शहर के सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों को पूरी तरह कार्यात्मक बना देगी। दिल्ली में छह नए प्लांट लगाए जा रहे हैं। इनकी मदद से दिसंबर 2027 तक यमुना को साफ कर दिया जाएगा। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव के दौरान दावा किया था कि प्रदूषण से ग्रस्त यमुना को साफ किया जाएगा।

दिल्ली के अतिरिक्त मुख्य सचिव नवीन चौधरी का कहना है कि तीन सालों के अंदर नदी को साफ किया जाएगा। दिल्ली में यमुना का 57 किलोमीटर का हिस्सा है। यह हरियाणा से दिल्ली में प्रवेश करती है और उत्तर प्रदेश की सीमा तक पहुंच जाती है। उन्होंने कहा कि नदी से ठोस अपशिष्ट, जलकुंभी और खरपतवार को हटाने के लिए सात मशीनें लगाई गई हैं। यह काम अगले कुछ महीनों तक चलेगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में लगभग एक दर्जन एसटीपी का आधुनिकीकरण किया जाना है। 2026 के अंत तक छह ऐसे संयंत्रों का निर्माण पूरा करना है। दिसंबर 2026 तक सभी एसटीपी पूरी तरह कार्यात्मक हो जाएंगे।

उसके बाद यमुना में कोई अनुपचारित सीवेज गिराया गया पाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि नदी में औद्योगिक अपशिष्टों के प्रवाह को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे, जिसके लिए दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी), दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और उद्योग विभाग मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में (सीईटीपी) ठीक से काम कर रहे हैं। लोगों को मूर्तियों को विसर्जित करने, कैलेंडर आदि वस्तुओं को नदी में फेंकने से रोकने के लिए जागरूकता पैदा की जाएगी।

यमुना में करीब 28 से 30 बड़े नाले अनुपचारित अपशिष्ट जल डालते हैं। सबसे बड़े नाले नजफगढ़ और बारापुला नाले हैं। इन नालों में कई छोटे नाले मिलते हैं जो अनुपचारित पानी को नदी में ले जाते हैं। दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) भी फल्ड नालों के माध्यम से सीवेज के प्रवाह को रोकने के लिए काम कर रहा है।

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