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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से गैरसैंण की पेयजल आपूर्ति को मिलेगा सुदृढ़ आधार, रामगंगा नदी पर बांध निर्माण परियोजना को मिली वित्तीय स्वीकृति *
गैरसैंण सत्र में 7,844 करोड़ का अनुपूरक बजट, विकास कार्यों और जनसुविधाओं पर विशेष ध्यान*  *पूंजीगत विकास के लिए 4,164 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान, स्थानीय निकायों को मिलेंगे अतिरिक्त संसाधन*
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*मुख्यमंत्री धामी ने किया पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज का स्थलीय निरीक्षण*  *इसी शैक्षणिक सत्र से मेडिकल कॉलेज में 50 MBBS सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू*
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मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में पत्रकारों के कल्याण एवं सम्मान के लिए महत्वपूर्ण निर्णय* *पत्रकार कल्याण कोष से चार दिवंगत पत्रकारों के आश्रितों को ₹5-₹5 लाख की आर्थिक सहायता की संस्तुति*
मुख्यमंत्री ने नशामुक्त उत्तराखण्ड वॉकथॉन को दिखाई हरी झंडी*  *नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार और पुलिस की नहीं, पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री*
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मुख्यमंत्री ने गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी लोकभाषाओं के वॉइस कलेक्शन पोर्टल का किया शुभारंभ*
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डीएम डॉ0 आशीष चौहान ने अधिकारियों, नगर निगम कर्मियों एवं विद्यालय की छात्राओं के साथ स्वयं उठाया कूड़ा, स्वच्छता का दिया संदेश*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने द टॉसब्रिज स्कूल के संस्कार दिवस समारोह में विद्यार्थियों को संस्कारों, अनुशासन और जीवन मूल्यों का महत्व समझाया।*
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दो अग्निवीरों के 40वीं वाहिनी पीएसी में समायोजन को दी मंजूरी* *सेवानिवृत्त होने वाले अग्निवीरों को मिलेगा सेवा का अवसर, उपलब्ध रिक्त पदों के सापेक्ष होगा समायोजन*

दिल्ली में दिसंबर 2026 तक ‘सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों’ को पूरी तरह बना देंगे कार्यात्मक 

दिल्ली में दिसंबर 2026 तक ‘सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों’ को पूरी तरह बना देंगे कार्यात्मक 

दिसंबर 2027 तक यमुना को कर दिया जाएगा साफ 

‘सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट’ से यमुना को साफ करने में मिलेगी मदद 

यमुना में करीब 30 बड़े नाले डालते है अनुपचारित अपशिष्ट जल 

नई दिल्ली। जनवरी 2027 से यमुना में सीवरेज का गंदा पानी नहीं गिरेगा। दिसंबर 2026 तक दिल्ली में बनाए गए सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट शुरू कर दिए जाएंगे। इनकी मदद से यमुना को साफ करने में मदद मिलेगी। दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली के मुख्य सचिव के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक के बाद इस दिशा में काम शुरू हो गया है। इसके तहत यमुना में सीवेज और औद्योगिक अपशिष्टों के प्रवाह को पूरी तरह से रोकने के लिए शहर के सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों को पूरी तरह कार्यात्मक बना देगी। दिल्ली में छह नए प्लांट लगाए जा रहे हैं। इनकी मदद से दिसंबर 2027 तक यमुना को साफ कर दिया जाएगा। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव के दौरान दावा किया था कि प्रदूषण से ग्रस्त यमुना को साफ किया जाएगा।

दिल्ली के अतिरिक्त मुख्य सचिव नवीन चौधरी का कहना है कि तीन सालों के अंदर नदी को साफ किया जाएगा। दिल्ली में यमुना का 57 किलोमीटर का हिस्सा है। यह हरियाणा से दिल्ली में प्रवेश करती है और उत्तर प्रदेश की सीमा तक पहुंच जाती है। उन्होंने कहा कि नदी से ठोस अपशिष्ट, जलकुंभी और खरपतवार को हटाने के लिए सात मशीनें लगाई गई हैं। यह काम अगले कुछ महीनों तक चलेगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में लगभग एक दर्जन एसटीपी का आधुनिकीकरण किया जाना है। 2026 के अंत तक छह ऐसे संयंत्रों का निर्माण पूरा करना है। दिसंबर 2026 तक सभी एसटीपी पूरी तरह कार्यात्मक हो जाएंगे।

उसके बाद यमुना में कोई अनुपचारित सीवेज गिराया गया पाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि नदी में औद्योगिक अपशिष्टों के प्रवाह को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे, जिसके लिए दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी), दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और उद्योग विभाग मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में (सीईटीपी) ठीक से काम कर रहे हैं। लोगों को मूर्तियों को विसर्जित करने, कैलेंडर आदि वस्तुओं को नदी में फेंकने से रोकने के लिए जागरूकता पैदा की जाएगी।

यमुना में करीब 28 से 30 बड़े नाले अनुपचारित अपशिष्ट जल डालते हैं। सबसे बड़े नाले नजफगढ़ और बारापुला नाले हैं। इन नालों में कई छोटे नाले मिलते हैं जो अनुपचारित पानी को नदी में ले जाते हैं। दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) भी फल्ड नालों के माध्यम से सीवेज के प्रवाह को रोकने के लिए काम कर रहा है।

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