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मुख्यमंत्री ने गैरसैंण में 231.91 करोड़ रुपये की 12 विकास योजनाओं का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास*
मुख्यमंत्री ने गैरसैंण में 231.91 करोड़ रुपये की 12 विकास योजनाओं का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से गैरसैंण की पेयजल आपूर्ति को मिलेगा सुदृढ़ आधार, रामगंगा नदी पर बांध निर्माण परियोजना को मिली वित्तीय स्वीकृति *
गैरसैंण सत्र में 7,844 करोड़ का अनुपूरक बजट, विकास कार्यों और जनसुविधाओं पर विशेष ध्यान*  *पूंजीगत विकास के लिए 4,164 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान, स्थानीय निकायों को मिलेंगे अतिरिक्त संसाधन*
गैरसैंण सत्र में 7,844 करोड़ का अनुपूरक बजट, विकास कार्यों और जनसुविधाओं पर विशेष ध्यान* *पूंजीगत विकास के लिए 4,164 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान, स्थानीय निकायों को मिलेंगे अतिरिक्त संसाधन*
*मुख्यमंत्री धामी ने किया पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज का स्थलीय निरीक्षण*  *इसी शैक्षणिक सत्र से मेडिकल कॉलेज में 50 MBBS सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू*
*मुख्यमंत्री धामी ने किया पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज का स्थलीय निरीक्षण* *इसी शैक्षणिक सत्र से मेडिकल कॉलेज में 50 MBBS सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू*
मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में पत्रकारों के कल्याण एवं सम्मान के लिए महत्वपूर्ण निर्णय* *पत्रकार कल्याण कोष से चार दिवंगत पत्रकारों के आश्रितों को ₹5-₹5 लाख की आर्थिक सहायता की संस्तुति*
मुख्यमंत्री ने नशामुक्त उत्तराखण्ड वॉकथॉन को दिखाई हरी झंडी*  *नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार और पुलिस की नहीं, पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री*
मुख्यमंत्री ने नशामुक्त उत्तराखण्ड वॉकथॉन को दिखाई हरी झंडी* *नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार और पुलिस की नहीं, पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री*
मुख्यमंत्री ने गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी लोकभाषाओं के वॉइस कलेक्शन पोर्टल का किया शुभारंभ*
मुख्यमंत्री ने गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी लोकभाषाओं के वॉइस कलेक्शन पोर्टल का किया शुभारंभ*
डीएम डॉ0 आशीष चौहान ने अधिकारियों, नगर निगम कर्मियों एवं विद्यालय की छात्राओं के साथ स्वयं उठाया कूड़ा, स्वच्छता का दिया संदेश*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने द टॉसब्रिज स्कूल के संस्कार दिवस समारोह में विद्यार्थियों को संस्कारों, अनुशासन और जीवन मूल्यों का महत्व समझाया।*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने द टॉसब्रिज स्कूल के संस्कार दिवस समारोह में विद्यार्थियों को संस्कारों, अनुशासन और जीवन मूल्यों का महत्व समझाया।*

सिर्फ नकारात्मक एजेंडे पर

सिर्फ नकारात्मक एजेंडे पर

साझा न्यूनतम कार्यक्रम के अभाव में इंडिया गठबंधन महज सीटों का एक तालमेल है- जिसका मकसद भाजपा विरोधी वोटों का बिखराव रोकना है। यह अपने-आप में अच्छी पहल है, लेकिन इसे ‘कुछ नहीं से कुछ बेहतर’ से ज्यादा की रणनीति नहीं माना जाएगा। आखिरकार विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन की पहली रैली हुई। पटना में हुई रैली में गठबंधन के कई बड़े चेहरे मौजूद रहे और वहां जुटे लोगों में जीवंतता भी नजर आई। उम्मीद की जा सकती है कि इस रैली की सफलता से विपक्षी दलों में उत्साह एक हद तक लौटेगा, जो हाल में लगातार सियासी झटकों से आहत रहे हैं। इसके बावजूद यह तथ्य अपनी जगह बना हुआ है कि यह गठबंधन उद्देश्य की एकता दिखाने और सत्ता पक्ष के खिलाफ संघर्ष के लिए संकल्पबद्ध होने का संदेश देने में बहुत देर कर चुका है।

पटना रैली में दिए गए भाषणों पर भी गौर करें, तो साफ होता है कि विपक्षी नेता वहां भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन पर बरसने से आगे नहीं बढ़ सके। इससे यही जाहिर होता है कि इंडिया गठबंधन के पास भाजपा विरोधी स्वाभाविक मतदाताओं और एनडीए के दस साल के शासनकाल से असंतुष्ट वोटों को जुटाने के अलावा कोई और रणनीति नहीं है। अपना कोई सकारात्मक एजेंडा जनता के सामने रखने की जरूरत तक इन दलों ने महसूस नहीं की है। इस बीच गठबंधन में शामिल पार्टियां अपना-अपना घोषणापत्र जरूर तैयार कर रही हैं, लेकिन जब एनडीए का मुकाबला वे इंडिया एलायंस के तौर पर करने जा रही हैं, तो उन अलग घोषणापत्रों की क्या साख होगी? वायदों और प्रस्तावित कार्यक्रमों पर कोई न्यूनतम सहमति भी है या नहीं, आखिर यह जानने का मतदाताओं के पास क्या जरिया होगा? मसलन, मतदाता यह कैसे भरोसा करेंगे कि किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू करने और सेना में अग्निपथ योजना खत्म करने के कांग्रेस के वादे पर गठबंधन में शामिल अन्य दल भी सहमत हैं या नहीं?

यह बेहिचक कहा जा सकता है कि साझा न्यूनतम कार्यक्रम के अभाव में इंडिया गठबंधन महज राज्य स्तर पर सीटों का एक तालमेल है- जिसका मकसद भाजपा विरोधी वोटों का बिखराव रोकना है। यह अपने-आप में एक अच्छी पहल है, लेकिन इसे ‘कुछ नहीं से कुछ बेहतर’ से ज्यादा की रणनीति नहीं माना जाएगा। क्या यह भाजपा की चुनावी मशीन का मुकाबला करने में समर्थ होगा?

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