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*मुख्यमंत्री ने ‘ज्ञान गंगा सम्मान समारोह’ में शिक्षकों को किया सम्मानित, मेधावी विद्यार्थियों को प्रदान की छात्रवृत्ति*
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कुंभ मेला 2027 के लिए उत्तराखंड को अतिरिक्त खाद्यान्न आवंटित,मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में तंजानिया स्थित अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो का सफल आरोहण करने वाले उत्तराखंड के नन्हे पर्वतारोही मास्टर रियांश पंत और प्रिशा रावत ने भेंट की।
मुख्यमंत्री ने किया ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ*  *प्रथम चरण में 11 हजार छात्र-छात्राओं को निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग से जोड़ा जाएगा*
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*हिमालय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘हिमालयो नाम नगाधिराजः’ कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री*  *मुख्यमंत्री की घोषणा-हर वर्ष प्रदान किया जाएगा ‘हिमालय विभूति सम्मान’*
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उत्तराखंड में आज से शुरू होने जा रही मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना*  *मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज करेंगे मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना का शुभारंभ*
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने देखी आध्यात्मिक फिल्म ‘हनुमान अंश’, नीम करौली बाबा की भक्ति और सेवा भावना से हुए अभिभूत*
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स्वास्थ्य मंत्री ने फार्मेसी अधिकारियों की समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को दिये आवश्यक कार्यवाही के निर्देश*
पशुपालन तथा गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग के 101 नवनियुक्त कार्मिकों को मुख्यमंत्री ने प्रदान किए नियुक्ति पत्र*
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अंतरराष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस 25 नवम्बर से 10 दिसंबर तक 16 दिवसीय अभियान की शुरुआत

अंतरराष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस 25 नवम्बर से 10 दिसंबर तक 16 दिवसीय अभियान की शुरुआत

सभी महिलाओं को  सुरक्षित और सम्मानपूर्ण जीवन मिले

नारी ‘माँ’, शक्ति और ’सृजन का स्रोत है

“स्वामी चिदानन्द सरस्वती”

ऋषिकेश। अंतरराष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस हर साल 25 नवंबर को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य महिलाओं के खिलाफ हिंसा को समाप्त करना है।

इस वर्ष 25 नवम्बर से 10 दिसंबर अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस तक 16 दिवसीय अभियान आयोजित किया गया है। क्योंकि हर 10 मिनट में एक महिला की हत्या कर दी जाती है। इस अभियान से जुडे़ं और महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा की भयावह स्थिति को जाने और अपनी जवाबदेही को समझे।

हिंसा न केवल महिलाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है, बल्कि उनके सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक अधिकारों को भी बाधित करती है। महिलाओं के खिलाफ हिंसा एक गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन है जिसे पूरी दुनिया में समाप्त करने की आवश्यकता है।

हम सभी को एकजुट होकर यह सुनिश्चित करना होगा कि हर महिला और लड़की को एक सुरक्षित और सम्मानपूर्ण जीवन मिले। महिलाओं के प्रति हिंसा को समाप्त करने के लिए हमें न केवल कानून और नीतियों को सख्ती से लागू करना होगा, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सामूहिक प्रयास भी करने होेंगे।

स्वामी चिदानंद सरस्वती जी ने कहा है कि नारियों का सम्मान और उनके प्रति आदर समाज की समृद्धि और विकास का आधार है। उन्होंने कहा कि नारियों के प्रति हिंसा केवल एक व्यक्ति या परिवार की समस्या नहीं है, यह पूरी मानवता का अपमान है। कोई भी समाज तभी प्रगति कर सकता है, जब हम नारियों को ‘माँ’, ‘शक्ति’ और ’सृजन का स्रोत’ मानकर उनका सम्मान करें।

स्वामी जी ने कहा कि नारियों के खिलाफ हिंसा को समाप्त करना समाज के हर वर्ग की जिम्मेदारी है, और यह तभी संभव है जब शिक्षा, जागरूकता और सामूहिक प्रयास हों।

स्वामी चिदानंद सरस्वती जी ने कहा है कि नारियों का सम्मान और उनके प्रति आदर समाज की वास्तविक समृद्धि और विकास का आधार है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि नारियों के प्रति हिंसा केवल किसी एक व्यक्ति या परिवार की समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरी मानवता का अपमान है। जब नारियों को उनकी सही पहचान और सम्मान नहीं मिलेगा, तब तक समाज का पूर्ण विकास संभव नहीं है।

उन्होंने कहा कि, ‘नारी सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि शक्ति का स्रोत, सृजन का आधार और समाज की रचनात्मक ऊर्जा हैं।’ यदि समाज को प्रगति के पथ पर अग्रसर करना है, तो हमें महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करते हुए उनके साथ सम्मान और समानता का व्यवहार करना होगा। स्वामी जी ने कहा है कि महिलाओं का सम्मान और उनके प्रति आदर समाज की समृद्धि और विकास का आधार है। जब तक महिलाओं को उनकी सही पहचान और सम्मान नहीं मिलेगा, तब तक समाज का पूर्ण विकास संभव नहीं है।

स्वामी जी ने यह भी कहा कि महिलाओं के प्रति आदर और सम्मान का भाव सिर्फ एक आदर्श नहीं, बल्कि एक नैतिक कर्तव्य है, जो हर व्यक्ति को निभाना चाहिए।

आइए, हम सब मिलकर नारियों के प्रति हिंसा उन्मूलन के लिए अपने संकल्प को दोहराएं। हमें एक ऐसा समाज बनाना है जहां हर महिला को सुरक्षा, सम्मान और समान अवसर मिले।

आइए, इस महत्वपूर्ण आंदोलन का हिस्सा बनें और महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और सम्मानजनक समाज बनाने में योगदान दें।

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