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क्या आपको बासी चावल खाने चाहिए? जानिए उन्हें दोबारा गर्म करने और स्टोर करने का तरीका

क्या आपको बासी चावल खाने चाहिए? जानिए उन्हें दोबारा गर्म करने और स्टोर करने का तरीका

चावल भारतीय खान-पान का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो हमें कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर सकता है। अक्सर लोग रात के बचे हुए चावल को सुबह या दिन में खा लेते हैं।हालांकि, उन्हें खाने से पहले ये जानना बेहद जरूरी होता है कि वे स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित हैं या नहीं। कई लोगों का मानना है कि बासी चावल खाना लाभदायक होता है, तो कई लोग इसे हानिकारक कहते हैं।आइए जानते हैं बासी चावल खाने योग्य हैं या नहीं।

क्या बचे हुए चावल खाना सुरक्षित होता है?
कई लोग बासी चावल को स्वास्थ्यवर्धक मानते हैं, लेकिन इनका सेवन नुकसानदायक हो सकता है। बचे हुए चावल में बैसिलस सेरेस नामक बैक्टीरिया मौजूद होते हैं, जो आपको बीमार कर सकते हैं।यह बैक्टीरिया कच्चे चावल में पाए जाते हैं, जो पकाते वक्त भी नहीं मरते। बासी चावल में इनकी संख्या दोगुनी हो जाती है और ये फूड पोइजनिंग का कारण बन सकते हैं।बासी चावल से हुई फूड पोइजनिंग को फ्राइड राइस सिंड्रोम भी कहा जाता है।

चावल को इन तरीकों से किया जा सकता है स्टोर
बैक्टीरिया को बढऩे और चावल को खराब होने से रोकने के लिए उन्हें सही तरह से स्टोर करना जरूरी होता है।जब आप चावल को पकाएं तो उन्हें जल्दी ठंडा कर लें। ऐसा करने से बैक्टीरिया का पनपना बंद हो जाता है।बचे हुए चावल को हमेशा एयर टाइट बैग या डिब्बे में ही रखें, ताकि उनमें हवा न लग सके। अब इस एयर टाइट डिब्बे को तुरंत फ्रिज में रख दें।

चावल को दोबारा गर्म करने का सही तरीका
बीमारियों से बचने के लिए बासी चावल को सही तरह से गर्म करना जरूरी होता है। ओवन में गर्म करने के लिए चावल पर पानी की बूंदें छिडक़ें और उन्हें टिशु पेपर से ढककर गर्म करें।अगर आप गैस पर चावल को गर्म कर रहे हैं तो एक नॉन-स्टिक पैन का इस्तेमाल करें। इस पैन में थोड़ा-सा पानी डालें और चावल डालकर ढक दें।ऐसा करने से स्टीम बनेगी और चावल गर्म हो जाएंगे।

इस तरह से पहचानें चावल खराब हुए या नहीं
बासी चावल खाने से पहले ये जांच लें कि वे खराब तो नहीं हो गए हैं।अगर आपके चावल का रंग पीला पड़ गया है, उनसे बदबू आ रही है या उनकी बनावट बिगड़ गई है तो उन्हें भूलकर भी न खाएं।खराब होने पर चावल कुरकुरे, कड़े या अत्यधिक चिपचिपे भी हो सकते हैं। इसके अलावा, खराब चावल पर हरी, काली या पीले रंग की फफूंद भी लग सकती है।

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