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*मुख्यमंत्री ने ‘ज्ञान गंगा सम्मान समारोह’ में शिक्षकों को किया सम्मानित, मेधावी विद्यार्थियों को प्रदान की छात्रवृत्ति*
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कुंभ मेला 2027 के लिए उत्तराखंड को अतिरिक्त खाद्यान्न आवंटित,मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में तंजानिया स्थित अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो का सफल आरोहण करने वाले उत्तराखंड के नन्हे पर्वतारोही मास्टर रियांश पंत और प्रिशा रावत ने भेंट की।
मुख्यमंत्री ने किया ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ*  *प्रथम चरण में 11 हजार छात्र-छात्राओं को निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग से जोड़ा जाएगा*
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*हिमालय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘हिमालयो नाम नगाधिराजः’ कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री*  *मुख्यमंत्री की घोषणा-हर वर्ष प्रदान किया जाएगा ‘हिमालय विभूति सम्मान’*
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उत्तराखंड में आज से शुरू होने जा रही मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना*  *मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज करेंगे मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना का शुभारंभ*
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने देखी आध्यात्मिक फिल्म ‘हनुमान अंश’, नीम करौली बाबा की भक्ति और सेवा भावना से हुए अभिभूत*
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स्वास्थ्य मंत्री ने फार्मेसी अधिकारियों की समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को दिये आवश्यक कार्यवाही के निर्देश*
पशुपालन तथा गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग के 101 नवनियुक्त कार्मिकों को मुख्यमंत्री ने प्रदान किए नियुक्ति पत्र*
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जन समीक्षा के बाद ही बने मूल निवास और सशक्त भू कानून – मोहित डिमरी

जन समीक्षा के बाद ही बने मूल निवास और सशक्त भू कानून – मोहित डिमरी

इन्वेस्टमेंट के नाम पर दी गई जमीनों की रिपोर्ट सार्वजनिक करे सरकार

मलिन बस्तियों को जमीन का न मिले मालिकाना हक

उद्योगों के लाभांश में जमीन मालिक की भी हो बराबर की हिस्सेदारी, लीज पर ही दी जाय

देहरादून। मूल निवास, भू- कानून समन्वय संघर्ष समिति के संयोजक मोहित डिमरी ने कहा कि मूल निवास और भूमि कानून जनता की भावनाओं के अनुरूप होना चाहिए। विधानसभा में कानून पारित होने से पूर्व इसके ड्रॉफ्ट के स्वरूप को लेकर सर्वदलीय और संघर्ष समिति के पदाधिकारियों के साथ सरकार को चर्चा करनी चाहिए। आम सहमति के बाद ही विधानसभा में मूल निवास और भू-कानून लागू होना चाहिए।

प्रेस क्लब देहरादून में पत्रकारों से वार्ता करते हुए संघर्ष समिति के संयोजक मोहित डिमरी ने कहा कि वर्ष 2022 में भू-कानून को लेकर सुभाष कुमार की अध्यक्षता में बनी कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक होनी चाहिए। उद्योगों के नाम पर दी गई जमीनों का ब्यौरा भी सार्वजनिक होना चाहिए। स्थिति यह है कि जिस प्रयोजन के लिए जमीन दी जा रही है, वहां उस प्रयोजन के बजाय प्रोपर्टी डीलिंग का काम चल रहा है। ऐसे बहुत सारे मामले सामने आ रहे हैं। उत्तराखंड में जितने भी इन्वेस्टमेंट सम्मेलन हो रहे हैं, वह सब जमीनों की लूट के सम्मेलन थे, इस लूट की जांच होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में अब तक का सबसे बड़ा घोटाला जमीनों का है। जमीनों की लूट में शामिल और भू-कानून को कमजोर करने वाले मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक, नौकरशाह और इनके करीबियों की गहन जांच भी होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में 30 साल से रह रहे व्यक्ति को ही घर बनाने के लिए 200 वर्ग मीटर तक जमीन मिलनी चाहिए। इसके साथ ही मलिन बस्तियों को जमीन का मालिकाना हक नहीं मिलना चाहिए। किसी भी तरह के उद्योग में जमीन के मालिक की बराबर की हिस्सेदारी होनी चाहिए और उद्योगों के लिए जमीन को दस साल की लीज पर ही दी जाय। उन्होंने कहा की प्रदेश में कृषि भूमि की खरीद पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगना चाहिए और शहरी क्षेत्रों में निकायों का विस्तार भी रुकना चाहिए।

उन्होंने आंदोलन की रणनीति को लेकर कहा कि केदारनाथ में जल्द स्वाभिमान महारैली आयोजित करेंगे। इसके बाद हरिद्वार, पिथौरागढ़, रामनगर, पौड़ी, विकासनगर सहित अन्य हिस्सों में स्वाभिमान महारैलियाँ आयोजित की जायेंगी। यह आंदोलन निरंतर चलता रहेगा। इस मौके पर संघर्ष समिति के सह संयोजक लुशुन टोडरिया, सचिव प्रांजल नौडियाल, संरक्षक मोहन सिंह रावत, कोर मेंबर विपिन नेगी, मनीष गोनियाल आदि मौजूद थे।

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