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वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खुले भगवान श्री बद्रीनाथ के कपाट, आस्था और उल्लास से गूंजा धाम*
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प्रधानमंत्री ने फिर व्यक्त की बाबा केदार में अटूट श्रद्धा* *सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए, केदारनाथ धाम के पिछले दौरों की तस्वीरें जारी की*
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मुख्यमंत्री धामी पहुंचे भारत के प्रथम सीमांत गांव माणा,*  *विकास कार्यों का लिया जायजा*  *शत-प्रतिशत “लखपति दीदी” गांव माणा बना आत्मनिर्भरता का मॉडल*
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चारधाम यात्रा के लिए प्रेषित की शुभकामनाएं* *डिजिटल उपवास पर रहते हुए, उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लें तीर्थयात्री*
श्रद्धा, आस्था और दिव्यता की अद्भुत त्रिवेणी ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ के कपाट विधि-विधान के साथ खुले*
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नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर सीएम धामी का विपक्ष पर तीखा प्रहार — “महिलाओं के अधिकारों में बाधा डालने वालों को मातृशक्ति देगी करारा जवाब”*
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बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय के नेतृत्व में मंदिर समिति ने किये ऐतिहासिक कार्य

बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र अजय के नेतृत्व में मंदिर समिति ने किये ऐतिहासिक कार्य

विवाद से नही वार्ता से तलाशें समाधान, सभी कार्यों में अपनायी जा रही है पूरी पारदर्शिता

देहरादून। श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के पदाधिकारियों ने एकजुट होकर कहा है कि अध्यक्ष अजेंद्र अजय के नेतृत्व में वर्तमान समिति ने ऐतिहासिक कार्य किए हैं। यात्री सुविधाओं के विकास से लेकर बीकेटीसी के आधारभूत ढांचे तक में अभूतपूर्व परिवर्तन हुए हैं। सभी कार्यों में पूरी पारदर्शिता अपनायी जा रही है।

श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) उपाध्यक्ष किशोर सिंह पंवार, सदस्यगण डॉ. वीरेंद्र असवाल, श्रीनिवास पोस्ती, महेंद्र शर्मा, कृपा राम सेमवाल, नंदा देवी, रणजीत सिंह राणा, पुष्कर जोशी, राजपाल जड़धारी व जय प्रकाश उनियाल ने एक संयुक्त बयान में कहा कि वर्तमान समिति के कार्यकाल में विभिन्न व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए कई प्रभावी कदम उठाये गए हैं। वर्ष 1939 में अंग्रेजों के समय में गठित बीकेटीसी में कार्मिकों के लिए सेवा नियमावली नहीं थी। वर्तमान समिति के प्रयासों से नियुक्तियों व पदोन्नति में पारदर्शिता के लिए कार्मिकों के लिए सेवा नियमावली बनाई गयी। उन्होंने स्पष्ट किया सेवा नियमावली शासन को भेजने से पूर्व समिति की विशेष बैठक बुलाई गयी थी, जिसमें सभी सदस्य मौजूद थे और इस पर चर्चा के बाद ही शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। सेवा नियमावली में परम्पराओं व धार्मिक मान्यताओं का पूरा ध्यान रखा गया है। हक- हकूकों से संबंधित विषयों को शामिल किया गया है। बीकेटीसी के पदाधिकारियों ने कहा कि अगर किसी को किसी बात को लेकर आशंका है विवाद की जगह उसके वार्ता कर समाधान तलाशा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि बीकेटीसी में वित्तीय पारदर्शिता कायम करने के लिए वित्त अधिकारी का पद सृजित करा कर शासन से प्रदेश वित्त सेवा के अधिकारी की तैनाती कराई गयी है। मंदिरों के पुनर्निर्माण व जीर्णोद्वार के कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। बाबा केदार की शीतकालीन गद्दी स्थल ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर के विस्तारीकरण व सौंदर्यीकरण जैसी महत्वाकांक्षी योजना पर कार्य शुरू किया गया। वर्ष 2013 की आपदा में केदारनाथ धाम में ध्वस्त हुए ईशानेश्वर मंदिर का रिकॉर्ड अवधि में पुनर्निर्माण किया गया। केदारनाथ धाम में यात्री सुविधाओं के लिए रैन शेल्टर से लेकर बीकेटीसी के कार्यालय व कार्मिकों के लिए भवन निर्माण जैसे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर संपन्न करवाया गया। मंदिरों में दर्शन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बीकेटीसी का अपना सुरक्षा संवर्ग तैयार किया गया है। कुशल वित्तीय प्रबंधन के चलते मंदिर समिति की आय में वृद्धि हुई है।

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