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मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में पत्रकारों के कल्याण एवं सम्मान के लिए महत्वपूर्ण निर्णय* *पत्रकार कल्याण कोष से चार दिवंगत पत्रकारों के आश्रितों को ₹5-₹5 लाख की आर्थिक सहायता की संस्तुति*
मुख्यमंत्री ने नशामुक्त उत्तराखण्ड वॉकथॉन को दिखाई हरी झंडी*  *नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार और पुलिस की नहीं, पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री*
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मुख्यमंत्री ने गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी लोकभाषाओं के वॉइस कलेक्शन पोर्टल का किया शुभारंभ*
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डीएम डॉ0 आशीष चौहान ने अधिकारियों, नगर निगम कर्मियों एवं विद्यालय की छात्राओं के साथ स्वयं उठाया कूड़ा, स्वच्छता का दिया संदेश*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने द टॉसब्रिज स्कूल के संस्कार दिवस समारोह में विद्यार्थियों को संस्कारों, अनुशासन और जीवन मूल्यों का महत्व समझाया।*
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दो अग्निवीरों के 40वीं वाहिनी पीएसी में समायोजन को दी मंजूरी* *सेवानिवृत्त होने वाले अग्निवीरों को मिलेगा सेवा का अवसर, उपलब्ध रिक्त पदों के सापेक्ष होगा समायोजन*
मेधावी विद्यार्थी उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य के आधार स्तंभ : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी*
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*मुख्यमंत्री धामी की घोषणा, ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को मिलेगी अतिरिक्त राहत*

डॉक्टर से सलाह लिए बिना दवा खाना कितना खतरनाक, आप भी तो नहीं कर रहे यह गलती?

डॉक्टर से सलाह लिए बिना दवा खाना कितना खतरनाक, आप भी तो नहीं कर रहे यह गलती?

भारतीयों की एक सबसे बुरी आदत है वह खुद से अपनी बीमारी का इलाज करने लगते हैं। अगर आपको भी ऐसी ऐसी लत है कि तबीयत खराब होने के बाद आप भी खुद से ही दवा खाने लगते हैं. तो यह खबर आपके लिए है. सबसे पहले तो अपनी यह आदत सुधार लें. क्योंकि हम इसे नॉर्मल बात समझकर कोई सा भी दवा खा लेते हैं लेकिन शरीर पर इसके गंभीर रूप से साइड इफेक्ट्स दिखते हैं।

खुद से मेडिकेशन जानलेवा हो सकता है
जब तक आपको गलती का एहसास होता है तब तक बात काफी ज्यादा बिगड़ जाती है. कई बार ऐसा होता है कि पुरुष के मुकाबले महिलाओं की स्थिति तो और भी ज्यादा खतरनाक है. महिलाएं शर्म से खुद से ही कोई सा भी दवा ले लेती है. ऐसी गलती बिल्कुल भी न करें.
कुछ तो ऐसे भी है जो खुद से सप्लीमेंट्स और मल्टीविटामिन ले लेते हैं. ऐसा अगर आप या घर, परिवार में कोई करता है तो तुरंत मना कर दें. कोई भी दवा, सप्लीमेंट्स लेने से पहले पहले टेस्ट करवाएं. टेस्ट भी डॉक्टर से दिखाने के बाद ही करवाएं. खुद से कोई भी मेडिकेशन शुरू न करें।

सेल्फ मेडिकेशन के नुकसान क्या है?
सेल्श मेडिकेशन का साफ अर्थ है कि बिना डॉक्टर की सलाह लिए खुद से दवा खा लेना. लोग सेल्फ मेडिकेशन करते हैं इसके गंभीर साइड इफेक्ट्स शरीर पर दिखाई देते हैं. सेल्फ मेडिकेशन के कारण उल्टी, चक्कर आना, सिर दर्द, मोटापा, कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ता है. इसलिए अपनी फैमिली या दोस्त, रिश्तेदार को सेल्फ मेडिकेशन से बचाएं, बिना डॉक्टर से जानें खुद से दवा न खाएं. क्योंकि यह आपकी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

दवा के पैकेट के ऊपर उसकी एमजी भी लिखी होती है. डॉक्टर जब मरीज का इलाज करते हैं तब मरीज की उम्र के हिसाब से एमजी देते हैं. अगर आपने छोटे बच्चों को ओवर डोज दे दिय़ा तो उनके लिए काफी ज्यादा नुकसानदायक हो सकता है. इससे उनकी तबीयत भी बिगड़ सकती है. अगर आप हल्के बुखार में हाई डोज लेते हैं तो इससे आपको बैचेनी और घबराहट या बैचेनी हो सकती है. इसलिए डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी दवा न खाएं. कई लोग तो मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी में भी खुद से दवा खाने लगते हैं. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इससे कई सारे साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं।

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