Headline
*मुख्यमंत्री धामी ने किया पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज का स्थलीय निरीक्षण*  *इसी शैक्षणिक सत्र से मेडिकल कॉलेज में 50 MBBS सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू*
*मुख्यमंत्री धामी ने किया पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज का स्थलीय निरीक्षण* *इसी शैक्षणिक सत्र से मेडिकल कॉलेज में 50 MBBS सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू*
मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में पत्रकारों के कल्याण एवं सम्मान के लिए महत्वपूर्ण निर्णय* *पत्रकार कल्याण कोष से चार दिवंगत पत्रकारों के आश्रितों को ₹5-₹5 लाख की आर्थिक सहायता की संस्तुति*
मुख्यमंत्री ने नशामुक्त उत्तराखण्ड वॉकथॉन को दिखाई हरी झंडी*  *नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार और पुलिस की नहीं, पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री*
मुख्यमंत्री ने नशामुक्त उत्तराखण्ड वॉकथॉन को दिखाई हरी झंडी* *नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार और पुलिस की नहीं, पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री*
मुख्यमंत्री ने गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी लोकभाषाओं के वॉइस कलेक्शन पोर्टल का किया शुभारंभ*
मुख्यमंत्री ने गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी लोकभाषाओं के वॉइस कलेक्शन पोर्टल का किया शुभारंभ*
डीएम डॉ0 आशीष चौहान ने अधिकारियों, नगर निगम कर्मियों एवं विद्यालय की छात्राओं के साथ स्वयं उठाया कूड़ा, स्वच्छता का दिया संदेश*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने द टॉसब्रिज स्कूल के संस्कार दिवस समारोह में विद्यार्थियों को संस्कारों, अनुशासन और जीवन मूल्यों का महत्व समझाया।*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने द टॉसब्रिज स्कूल के संस्कार दिवस समारोह में विद्यार्थियों को संस्कारों, अनुशासन और जीवन मूल्यों का महत्व समझाया।*
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दो अग्निवीरों के 40वीं वाहिनी पीएसी में समायोजन को दी मंजूरी* *सेवानिवृत्त होने वाले अग्निवीरों को मिलेगा सेवा का अवसर, उपलब्ध रिक्त पदों के सापेक्ष होगा समायोजन*
मेधावी विद्यार्थी उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य के आधार स्तंभ : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी*
मेधावी विद्यार्थी उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य के आधार स्तंभ : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी*
*मुख्यमंत्री धामी की घोषणा, ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को मिलेगी अतिरिक्त राहत*

ब्रिटेन ने शेख हसीना को सुरक्षा देने से किया इनकार, अब किस देश में शरण लेंगी पूर्व प्रधानमंत्री ?

ब्रिटेन ने शेख हसीना को सुरक्षा देने से किया इनकार, अब किस देश में शरण लेंगी पूर्व प्रधानमंत्री ?

नई दिल्ली। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के ब्रिटेन में राजनीतिक शरण लेने की योजना पर अनिश्चितता के बादल छा गए हैं। हसीना ने सोमवार को बांग्लादेश में अशांति के कारण अपनी सुरक्षा को खतरा मानते हुए भारत में शरण ली थी।

ब्रिटेन सरकार नहीं दे पाएगी सुरक्षा
शेख हसीना की योजना लंदन जाकर राजनीतिक शरण लेने की थी, लेकिन अब ब्रिटेन सरकार ने संकेत दिया है कि वह उन्हें हिंसक प्रदर्शनों के मद्देनजर कानूनी सुरक्षा नहीं दे पाएगी। इसके चलते हसीना अब अन्य विकल्पों पर विचार कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, हसीना और उनकी बहन रेहाना को अस्थायी शरण के लिए भारत से लंदन जाना था, लेकिन अब वे इस योजना को लेकर असमंजस में हैं।

भारत ने दिया मदद का भरोसा
भारत ने हसीना को मदद का भरोसा दिया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दिल्ली में आयोजित सर्वदलीय बैठक में कहा कि नई दिल्ली ने शेख हसीना को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि हसीना की यात्रा के बारे में भारतीय अधिकारियों को पहले ही सूचित कर दिया गया था और हसीना को हिंडन एयरबेस पर पहुंचने के बाद किसी अज्ञात स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया है।

‘सदमे में हैं शेख हसीना’
विदेश मंत्री ने बताया कि शेख हसीना अपने देश छोड़ने के बाद सदमे में हैं। सरकार ने उन्हें अपनी अगली योजना और कार्रवाई पर चर्चा करने के लिए समय दिया है। एस जयशंकर ने राज्यसभा में कहा, “5 अगस्त को कर्फ्यू के बावजूद प्रदर्शनकारी ढाका में एकत्र हुए। सुरक्षा प्रतिष्ठानों के नेताओं के साथ बैठक के बाद शेख हसीना ने इस्तीफा देने का फैसला किया और भारत आने के लिए मंजूरी मांगी।”

अल्पसंख्यकों की स्थिति पर भारत की नजर
जयशंकर ने कहा कि भारत बांग्लादेश में भारतीय समुदाय के साथ निरंतर संपर्क में है और अल्पसंख्यकों की स्थिति पर भी नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा, “हम उनकी सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न समूहों और संगठनों द्वारा की जा रही पहलों को लेकर चिंतित हैं। कानून और व्यवस्था बहाल होने तक हम सतर्क रहेंगे।”

भारत में रह सकती हैं हसीना
सूत्रों के अनुसार, हसीना की यात्रा योजनाओं में अड़चन आई है और वह अगले कुछ दिनों तक भारत में ही रह सकती हैं। उन्होंने स्थिति को गतिशील बताया और कहा कि इस मामले में अभी कोई स्पष्ट रास्ता नहीं है।

शेख हसीना ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के बाद प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। यह विरोध-प्रदर्शन नौकरी में आरक्षण योजना के खिलाफ शुरू हुआ था, लेकिन कुछ ही हफ्तों में यह एक बड़े आंदोलन में बदल गया और हसीना को सत्ता से हटाने की मांग उठने लगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top