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चारधाम यात्रा से खिलवाड़ पर सख्त कार्रवाई, भ्रामक वीडियो पर FIR दर्ज*  *आस्था पर प्रहार नहीं सहेंगे: चारधाम यात्रा पर अफवाह फैलाने वालों पर शिकंजा*
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वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खुले भगवान श्री बद्रीनाथ के कपाट, आस्था और उल्लास से गूंजा धाम*
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प्रधानमंत्री ने फिर व्यक्त की बाबा केदार में अटूट श्रद्धा* *सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए, केदारनाथ धाम के पिछले दौरों की तस्वीरें जारी की*
मुख्यमंत्री धामी ने ग्राउंड जीरो पर उतरकर बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान की गहन समीक्षा की*
मुख्यमंत्री धामी पहुंचे भारत के प्रथम सीमांत गांव माणा,*  *विकास कार्यों का लिया जायजा*  *शत-प्रतिशत “लखपति दीदी” गांव माणा बना आत्मनिर्भरता का मॉडल*
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चारधाम यात्रा के लिए प्रेषित की शुभकामनाएं* *डिजिटल उपवास पर रहते हुए, उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लें तीर्थयात्री*
श्रद्धा, आस्था और दिव्यता की अद्भुत त्रिवेणी ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ के कपाट विधि-विधान के साथ खुले*
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नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर सीएम धामी का विपक्ष पर तीखा प्रहार — “महिलाओं के अधिकारों में बाधा डालने वालों को मातृशक्ति देगी करारा जवाब”*
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आई पंचमी माउ की बांटी हरयाली जौउ की। आज वसंत पंचमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया

द्वारीखाल। आज ऋतुराज वसंत के आगमन पर  वसंत पंचमी का पर्व धूम धाम से मनाया गया। महिलाओं ने अपने चूल्हे और आंगन को मिट्टी और गाय के गोबर से लीपने के बाद पूरी, पकोड़ी, मीठे स्वाल, दाल के भरे स्वाल आदि व्यंजन बनाए। भगवान और पित्रों को भोग लगाने के बाद मालू के पत्तों में पूरी, पकोड़ी आदि रखकर आस पड़ोस के घरों में दिया।

थाली में हल्दी चावल धूप, जौ की हरियाली और गाय का गोबर रखकर पूजा की। घर के अंदर देव स्थान, अन्न के कोठार, घर की चौखट, गोशाला आदि पर गाय के गोबर के साथ जौ की हरियाली लगाकर वसंत ऋतु का स्वागत किया।

शीला गांव में 70 वर्षीय शाकंभरी देवी ने बताया की कुछ दशक पहले तक वसंत पंचमी के दिन से गांव में थडिया चौंफला गीतों की शुरुआत हो जाती थी, और वैशाखी के दिन समापन होता था। लेकिन अब यह परंपरा समाप्त होने की कगार पर है, बहुत कम गावों में थड़िया चौंफला गीत लगते हैं, चैत्र महीने की संक्रांति से शुरू होते हैं और वैशाखी को समाप्त हो जाते हैं।

 

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