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आई पंचमी माउ की बांटी हरयाली जौउ की। आज वसंत पंचमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया

द्वारीखाल। आज ऋतुराज वसंत के आगमन पर  वसंत पंचमी का पर्व धूम धाम से मनाया गया। महिलाओं ने अपने चूल्हे और आंगन को मिट्टी और गाय के गोबर से लीपने के बाद पूरी, पकोड़ी, मीठे स्वाल, दाल के भरे स्वाल आदि व्यंजन बनाए। भगवान और पित्रों को भोग लगाने के बाद मालू के पत्तों में पूरी, पकोड़ी आदि रखकर आस पड़ोस के घरों में दिया।

थाली में हल्दी चावल धूप, जौ की हरियाली और गाय का गोबर रखकर पूजा की। घर के अंदर देव स्थान, अन्न के कोठार, घर की चौखट, गोशाला आदि पर गाय के गोबर के साथ जौ की हरियाली लगाकर वसंत ऋतु का स्वागत किया।

शीला गांव में 70 वर्षीय शाकंभरी देवी ने बताया की कुछ दशक पहले तक वसंत पंचमी के दिन से गांव में थडिया चौंफला गीतों की शुरुआत हो जाती थी, और वैशाखी के दिन समापन होता था। लेकिन अब यह परंपरा समाप्त होने की कगार पर है, बहुत कम गावों में थड़िया चौंफला गीत लगते हैं, चैत्र महीने की संक्रांति से शुरू होते हैं और वैशाखी को समाप्त हो जाते हैं।

 

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