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फीस जमा न होने पर स्कूल ने किया परीक्षा से बाधित; डीएम ने प्रोजेक्ट नंदा-सुंनदा से दी विदुषी की फीस
तीन ‘ग्रोथ डाइवर्स’ करेंगे तीन बड़े लक्ष्यों की पूर्ति* *आत्मनिर्भरता की यात्रा में सरकार को कृषि, उद्योग व पर्यटन से सर्वाधिक आस*
₹1.11 लाख करोड़ का संतुलित बजट, विकसित उत्तराखंड की दिशा में मजबूत कदम: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी*
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मातृशक्ति की बेहतरी को संजीदा दिखी सरकार* *जेंडर बजट का आकार बढ़ाने से लेकर कई योजनाओं में बजट का प्रावधान*
आठ मूल मंत्रों से सरकार ने साधा संतुलन*  *राज्य सरकार के बजट में संतुलन के एक-एक अक्षर के गहरे अर्थ*  *सीएम ने विकास व प्रगति की सोच को अनूठे अंदाज में सामने रखा*
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समाज के हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़कर उत्तराखंड को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य: सीएम*
उत्तराखंड में वित्तीय अनुशासन और विकास के संतुलन को मजबूत करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2026–27 का बजट प्रस्तुत किया।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर 38 वरिष्ठ महिलाओं को किया सम्मानित, कहा— “पहाड़ की असली ताकत उसकी मातृशक्ति”*
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नूतन न्याय संहिता पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का शुभारंभ* गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को बैरागी कैम्प में उत्तराखंड सरकार द्वारा नूनत न्याय संहिता” विषय पर आयोजित राज्यस्तरीय प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया
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दीपक बडोला हत्याकांड। 20 जून को देहरादून बंद। राजधानी में बढ़ रही आपराधिक घटनाओं के विरोध में मूल निवास भू कानून समन्वय संघर्ष समिति ने किया बंद का आह्वान

दीपक बडोला हत्याकांड। 20 जून को देहरादून बंद। राजधानी में बढ़ रही आपराधिक घटनाओं के विरोध में मूल निवास भू कानून समन्वय संघर्ष समिति ने किया बंद का आह्वान

संघर्ष समिति ने किया देहरादून बंद का आह्वान

दिवंगत बडोला की पत्नी और बहिन ने की पत्रकारों से वार्ता

मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में करने की मांग

मृतक की पत्नी को मिले स्थायी नौकरी

देहरादून। मूल निवास, भू-कानून समन्वय संघर्ष समिति ने देहरादून में बढ़ रही आपराधिक घटनाओं को लेकर कल यानी 20 जून को देहरादून बंद करने का आह्वान किया है। संघर्ष समिति ने बंद को लेकर राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, व्यापारियों, पूर्व सैनिकों, युवाओं और महिलाओं से बंद को सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की है।

प्रेस क्लब देहरादून में दिवंगत दीपक बडोला की पत्नी और बहिन के साथ पत्रकारों से वार्ता करते हुए मूल निवास, भू-कानून समन्वय संघर्ष समिति के संयोजक मोहित डिमरी ने कहा कि मूल निवासियों का अस्तित्व बचाने के लिए सभी को सड़कों पर उतरना होगा। आपराधिक घटनाएं बढ़ रही है और लोग खौफ के साये में जीने को मजबूर है। मूल निवासियों को सोची-समझी साजिश के चलते मारा जा रहा है। अब इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने बंद को सफल बनाने के लिए सभी लोगों से अपील की है। साथ ही उन्होंने दिवंगत रवि बडोला की पत्नी को स्थायी नौकरी, एक करोड़ रुपये मुआवजा, घायलों का मुफ्त इलाज, उन्हें 20-20 लाख मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने गोलीकांड मामले की जांच फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की मांग भी की। साथ ही बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों को चिन्हित करने की भी मांग की।

गोलीकांड में मृतक दीपक/रवि बडोला की पत्नी उर्वी बडोला ने कहा कि अब उनके सामने अपने छोटे बच्चे के भरण-पोषण की समस्या खड़ी हो गई है। सरकार उन्हें स्थायी नौकरी दे और उनके परिवार को सुरक्षा दे। अपराधियों के पास हथियार कहाँ से आ रहे हैं और आपराधिक लोगों को कौन संरक्षण दे रहा है, इसकी जांच होनी चाहिए।

मृतक रवि बडोला की बहिन दीक्षा रतूड़ी ने कहा कि समाज को उनकी मदद के लिए आगे आना चाहिए। यह घटनाएं कल किसी और के साथ भी हो सकती है। अपराधियों को संरक्षण देने वालों की भी पहचान जरूरी है।

संघर्ष समिति के महानगर संयोजक अनिल डोभाल ने कहा कि मूल निवासियों को अपना अस्तित्व बचाने के लिए सड़कों पर उतरना होगा। पेरोल पर दुर्दांत अपराधी कैसे छूट रहे हैं, इसकी भी जांच जरूरी है।

समिति के सचिव प्रांजल नौडियाल और पंकज उनियाल ने कहा कि मूल निवास और भू-कानून न होने से अपराधियों के हौसले बुलंद है। लंबे समय से समिति इस लड़ाई को लड़ रही है। लेकिन सरकार इन मांगों को मानने के लिए तैयार नहीं है।

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