Headline
टिहरी झील बनेगी विश्व में पर्यटन-खेल का प्रमुख केंद्रः सीएम*
टिहरी झील बनेगी विश्व में पर्यटन-खेल का प्रमुख केंद्रः सीएम*
आंगनबाड़ी राशन में गड़बड़ी पर डीएम का बड़ा एक्शन, रुड़की के सेंट्रल गोदाम पर मारा छापा
आंगनबाड़ी राशन में गड़बड़ी पर डीएम का बड़ा एक्शन, रुड़की के सेंट्रल गोदाम पर मारा छापा
डीएम देहरादून सविन बंसल का बड़ा एक्शन; राज्य के आंगनबाड़ी केंद्रों पर राशन आपूर्तिकर्ता सेंट्रल गोदाम रुड़की में छापेमारी
17 लाख से अधिक मरीजों ने कराया आयुष्मान योजना के तहत निःशुल्क उपचार- डाॅ. धन सिंह रावत
17 लाख से अधिक मरीजों ने कराया आयुष्मान योजना के तहत निःशुल्क उपचार- डाॅ. धन सिंह रावत
देहरादून में ट्रैफिक व्यवस्था का एसएसपी ने लिया जायजा, प्रमुख चौराहों का किया निरीक्षण
देहरादून में ट्रैफिक व्यवस्था का एसएसपी ने लिया जायजा, प्रमुख चौराहों का किया निरीक्षण
बिना सिम और इंटरनेट के मोबाइल-टीवी पर दिखेंगी फिल्में, ग्राफिक एरा और फ्रीस्ट्रीम के बीच एमओयू
बिना सिम और इंटरनेट के मोबाइल-टीवी पर दिखेंगी फिल्में, ग्राफिक एरा और फ्रीस्ट्रीम के बीच एमओयू
टी20 विश्व कप 2026- दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में आज भारत और इंग्लैंड होगी आमने-सामने
टी20 विश्व कप 2026- दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में आज भारत और इंग्लैंड होगी आमने-सामने
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई व्यय-वित्त समिति की बैठक, कई विकास योजनाओं को मिली मंजूरी
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई व्यय-वित्त समिति की बैठक, कई विकास योजनाओं को मिली मंजूरी
बुजुर्गों ही नहीं, युवाओं और बच्चों में भी बढ़ रही सुनने की समस्या, जानिए इसके कारण
बुजुर्गों ही नहीं, युवाओं और बच्चों में भी बढ़ रही सुनने की समस्या, जानिए इसके कारण

भाषाई नफरत से बचे महाराष्ट्र, नहीं तो थम जाएगा विकास- राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन

भाषाई नफरत से बचे महाराष्ट्र, नहीं तो थम जाएगा विकास- राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन

मराठी बनाम हिंदी विवाद पर बोले राज्यपाल – विविधता ही हमारी ताकत, हर भाषा का हो सम्मान

मुंबई। महाराष्ट्र में चल रहे भाषा विवाद को लेकर राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने गहरी चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि भाषाई आधार पर फैल रही नफरत न केवल सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ेगी, बल्कि राज्य के औद्योगिक विकास और निवेश पर भी प्रतिकूल असर डालेगी। राज्यपाल ने सभी से संयम बरतने और भाषाओं को लेकर सम्मान का भाव रखने की अपील की।

एक कॉफी टेबल बुक के विमोचन कार्यक्रम में बोलते हुए राज्यपाल राधाकृष्णन ने उदाहरण देते हुए कहा, “अगर आप मुझ पर हमला करें तो क्या मैं तुरंत मराठी में बात करने लगूंगा?” उन्होंने आगाह किया कि यदि भाषाई टकराव को बढ़ावा दिया गया तो राज्य में निवेशक पीछे हट सकते हैं और इसका सीधा असर विकास पर पड़ेगा।

राज्यपाल ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि तमिलनाडु में सांसद रहने के दौरान उन्होंने देखा कि एक समूह ने दूसरे समूह पर हमला किया क्योंकि वे तमिल में बात नहीं कर रहे थे। उन्होंने कहा, “मैं खुद हिंदी नहीं समझता, यह मेरे लिए एक चुनौती है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि दूसरों की भाषा का अनादर किया जाए। हमें विविध भाषाओं को सीखने और अपनी मातृभाषा पर गर्व करने की जरूरत है।”

राज्यपाल की इस टिप्पणी पर शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने प्रतिक्रिया दी और कहा कि राज्य में भाषाई भेदभाव जैसी कोई स्थिति नहीं है। साथ ही उन्होंने राजनीतिक बयानबाजी से बचने की बात कही।

महाराष्ट्र में भाषा विवाद क्या है?
अप्रैल में महाराष्ट्र सरकार ने कक्षा 1 से 5 तक हिंदी को अनिवार्य विषय बनाए जाने की घोषणा की थी, जिसे लेकर मराठी समर्थक संगठनों ने विरोध जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार हिंदी थोप रही है। बाद में सरकार ने निर्णय में आंशिक संशोधन करते हुए हिंदी को तीसरी भाषा बताया, लेकिन एक शर्त जोड़ी गई कि दूसरी भाषा के विकल्प के लिए कम से कम 20 छात्रों का सामूहिक आवेदन होना जरूरी होगा, जिसे शिक्षा विशेषज्ञ अव्यावहारिक मानते हैं।

इस विवाद के बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ताओं द्वारा गैर-मराठी बोलने वालों पर हिंसक घटनाएं भी सामने आईं। मुंबई और पुणे में ऐसे मामले दर्ज किए गए, जहां मराठी न बोलने पर दुकानदारों और आम नागरिकों पर हमले हुए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top