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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी पूज्य माता जी के नाम से पौधा रोपित किया*
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फूलों की घाटी एक बार फिर पर्यटकों के लिए खुली

फूलों की घाटी एक बार फिर पर्यटकों के लिए खुली

घांघरिया से रवाना हुआ पहला दल, बर्फबारी से क्षतिग्रस्त रास्ते किए गए दुरुस्त

चमोली – उत्तराखंड की प्रसिद्ध विश्व धरोहर स्थल फूलों की घाटी का द्वार एक बार फिर पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। एक जून की सुबह घाटी के प्रवेश द्वार से पहला पर्यटक दल रवाना हुआ, marking the beginning of the eagerly awaited पर्यटन सीजन।

प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर इस घाटी की पगडंडियों पर पहले दिन 49 पर्यटकों ने कदम रखे, जिनमें अधिकांश ने स्थल पर पहुंचकर पंजीकरण कराया, जबकि कुछ ने ऑनलाइन माध्यम से एडवांस बुकिंग की थी।

हर वर्ष हजारों की संख्या में सैलानी इस अलौकिक घाटी की सैर को आते हैं, जो अपने रंग-बिरंगे फूलों, हिमालयी घाटियों और दुर्लभ वनस्पतियों के लिए प्रसिद्ध है। घाटी का प्रवेश हर साल 1 जून को खोला जाता है और 31 अक्टूबर तक सीमित रहता है, जिसके बाद इसे शीतकाल के लिए बंद कर दिया जाता है।

वन विभाग की ओर से सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। वन क्षेत्राधिकारी चेतना कांडपाल ने बताया कि रास्तों की मरम्मत, अस्थायी पुलों का निर्माण और अन्य जरूरी व्यवस्थाएँ समय रहते पूरी कर ली गई हैं, ताकि पर्यटकों को कोई असुविधा न हो।

फूलों की घाटी में जुलाई-अगस्त के दौरान सौंदर्य अपने चरम पर होता है, जब 350 से ज्यादा किस्मों के फूल खिलते हैं। पूरे सीजन में 500 से अधिक फूलों की प्रजातियाँ यहां देखी जा सकती हैं। इस वर्ष पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल भी सक्रिय किया गया है।

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