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एसजीएसटी संग्रहण में 24 फीसदी की वृद्धि* *उत्तराखण्ड में राज्य कर विभाग की उल्लेखनीय सफलता* *12 फीसदी बढ़ा कुल जीएसटी संग्रहण*
मुख्यमंत्री ने ‘रन फॉर कारगिल हीरोज’ मैराथॉन को दिखायी हरी झंडी*  *शौर्य स्थल पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को दी श्रद्धांजलि*
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उत्तराखंड में नकल माफियाओं पर एक और बड़ी कार्रवाई, यूटीयू परीक्षा का प्रश्नपत्र आउट करने के आरोप में सहायक प्रोफेसर गिरफ्तार* *सीएम पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देश, नकल माफियाओं को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी*
मुख्यमंत्री ने जन समस्याओं के त्वरित एवं समयबद्ध समाधान के दिए निर्देश*  *मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की सुनी समस्याएं*
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मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ के द्वितीय चरण का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ*
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मुख्यमंत्री ने किया ‘सेवा विधि‘ पुस्तक का विमोचन‘‘*
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आम महोत्सव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने “बीज संजीवनी अभियान” का किया शुभारंभ*
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विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की मुहिम बढ़ी आगे* *जापानी प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय एवं दून विश्वविद्यालय का किया भ्रमण*
मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में प्रदेश में ग्रोथ सेंटर्स की प्रगति के सम्बन्ध में सभी सम्बन्धित विभागों के साथ बैठक की

“सख्त इरादों वाली धामी सरकार, अंकिता हत्याकांड में न्याय, संवेदनशीलता और पारदर्शिता की नज़ीर”

“सख्त इरादों वाली धामी सरकार, अंकिता हत्याकांड में न्याय, संवेदनशीलता और पारदर्शिता की नज़ीर”

देहरादून- उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने संवेदनशीलता और सख्ती दोनों का उदाहरण प्रस्तुत किया है। पीड़िता के परिवार को न केवल न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए, बल्कि पूरे मामले में पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई भी सुनिश्चित की गई।

घटना के महज 24 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया, और वे आज भी सलाखों के पीछे हैं। जांच को गति देने के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया, जिसने गहराई से छानबीन कर आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाए। यही नहीं, इन आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी केस दर्ज किया गया।

जांच के आधार पर पुलिस ने 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, जिसमें 100 से अधिक गवाहों के बयान शामिल हैं। अदालत ने भी आरोप तय करते हुए आरोपियों को दोषी मानने की दिशा में मजबूत संकेत दिए हैं, और अब जल्द ही कोर्ट द्वारा सजा सुनाए जाने की उम्मीद है।

धामी सरकार ने पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद के तौर पर ₹25 लाख की सहायता राशि प्रदान की, साथ ही दिवंगत अंकिता के पिता और भाई को सरकारी नौकरी भी दी गई, जिससे परिवार को पुनः सम्मान और स्थायित्व मिल सके।

परिजनों की मांग पर तीन बार सरकारी वकील बदले गए और सरकार ने उनके पक्ष को मजबूती से रखने के लिए अनुभवशील अभियोजन अधिकारी नियुक्त किए। सरकारी वकील की सख्त पैरवी के चलते हर बार आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज हुईं।

इस बीच, कांग्रेस नेताओं और कुछ कथित VIP ब्लैकमेलर्स द्वारा मामले में भ्रामक बयानबाज़ी की गई, लेकिन कोर्ट में कोई तथ्य या सबूत पेश नहीं कर सके। इससे साफ हुआ कि ये बयान केवल राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से दिए गए थे।

धामी सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने भी जांच को संतोषजनक माना है। यह राज्य सरकार की इच्छाशक्ति और कानून के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस नीति का परिणाम है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा था “न्याय में कोई देरी नहीं होगी, और अपराधियों के लिए कोई रहम नहीं।”

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