Headline
उत्तराखंड में नकल माफियाओं पर एक और बड़ी कार्रवाई, यूटीयू परीक्षा का प्रश्नपत्र आउट करने के आरोप में सहायक प्रोफेसर गिरफ्तार* *सीएम पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देश, नकल माफियाओं को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी*
मुख्यमंत्री ने जन समस्याओं के त्वरित एवं समयबद्ध समाधान के दिए निर्देश*  *मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की सुनी समस्याएं*
मुख्यमंत्री ने जन समस्याओं के त्वरित एवं समयबद्ध समाधान के दिए निर्देश* *मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की सुनी समस्याएं*
मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ के द्वितीय चरण का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ*
मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ के द्वितीय चरण का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ*
मुख्यमंत्री ने किया ‘सेवा विधि‘ पुस्तक का विमोचन‘‘*
मुख्यमंत्री ने किया ‘सेवा विधि‘ पुस्तक का विमोचन‘‘*
आम महोत्सव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने “बीज संजीवनी अभियान” का किया शुभारंभ*
आम महोत्सव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने “बीज संजीवनी अभियान” का किया शुभारंभ*
विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की मुहिम बढ़ी आगे* *जापानी प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय एवं दून विश्वविद्यालय का किया भ्रमण*
मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में प्रदेश में ग्रोथ सेंटर्स की प्रगति के सम्बन्ध में सभी सम्बन्धित विभागों के साथ बैठक की
छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए जिलाधिकारी, देहरादून, डॉ आशीष चौहान ने दिए छुट्टी के आदेश, जानिए ये खबर
छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए जिलाधिकारी, देहरादून, डॉ आशीष चौहान ने दिए छुट्टी के आदेश, जानिए ये खबर
रेल की रफ्तार के साथ विकास की उड़ान, फ्रीज जोन समीक्षा से पहाड़ों में खुल सकती हैं नई संभावनाएं* *धामी सरकार की पहल : सुरक्षा और विकास के बीच संतुलन तलाशने की कवायद*

भारत की ऐतिहासिक उपलब्धि, जीनोम संपादित धान की दो नई किस्में की विकसित

भारत की ऐतिहासिक उपलब्धि, जीनोम संपादित धान की दो नई किस्में की विकसित

‘कमला’ और ‘पूसा डीएसटी राइस-1’ से होगा जलवायु परिवर्तन का सामना और बढ़ेगा उत्पादन

नई दिल्ली। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने जीनोम एडिटिंग तकनीक के माध्यम से धान की दो अत्याधुनिक किस्में विकसित की हैं, जो कम लागत, कम पानी और कम समय में अधिक उत्पादन देने में सक्षम हैं। इन किस्मों के जरिए भारत ने दुनिया में पहली बार जीनोम संपादित चावल की किस्में व्यावसायिक रूप से तैयार करने का कीर्तिमान रच दिया है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘कमला (डीआरआर-100)’ और ‘पूसा डीएसटी राइस-1’ नामक इन किस्मों को राष्ट्र को समर्पित किया।

चौहान ने इसे भारतीय कृषि शोध की “ऐतिहासिक छलांग” बताते हुए कहा कि ये किस्में दूसरी हरित क्रांति का मार्ग प्रशस्त करेंगी और जल्द ही किसानों को उपलब्ध कराई जाएंगी। इनसे जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में भी मदद मिलेगी।

जलवायु-उपयुक्त और उच्च उत्पादकता वाली किस्में

कमला और पूसा डीएसटी राइस-1 किस्में जीनोम संपादन तकनीक से तैयार की गई हैं, जिसमें फसलों के डीएनए में सूक्ष्म परिवर्तन कर उन्हें अधिक उत्पादक और अनुकूल बनाया गया है। इन पर आईसीएआर ने 2018 से कार्य किया और इन्हें भारत के प्रमुख धान उत्पादक राज्यों जैसे मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, ओडिशा, यूपी, बंगाल, आंध्र, तमिलनाडु आदि की परिस्थितियों के अनुसार विकसित किया गया है।

इन किस्मों से देश में लगभग 45 लाख टन अतिरिक्त धान उत्पादन का अनुमान है, साथ ही ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन में 20% की कमी और सिंचाई की संख्या में भी तीन बार तक की कटौती संभव होगी।

कमला और पूसा डीएसटी राइस-1 की विशेषताएं

कमला (DRR-100) को हैदराबाद स्थित भारतीय चावल अनुसंधान संस्थान ने प्रसिद्ध सांबा महसूरी से विकसित किया है। यह किस्म 20 दिन पहले तैयार हो जाती है, कम पानी की जरूरत होती है और उपज 20–30% अधिक हो सकती है।

पूसा डीएसटी राइस-1 को पूसा (नई दिल्ली) द्वारा एमटीयू 1010 किस्म से विकसित किया गया है। यह खासकर दक्षिण भारत के रबी मौसम के लिए उपयुक्त है और 20% अधिक उपज देती है।

इन सफलताओं के पीछे वैज्ञानिकों की एक टीम का योगदान रहा है, जिनमें डॉ. सत्येंद्र मंग्राउथिया, डॉ. आर.एम. सुंदरम, डॉ. विश्वनाथन सी, डॉ. अर्चना वत्स और अन्य प्रमुख नाम शामिल हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top