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चारधाम यात्रा से खिलवाड़ पर सख्त कार्रवाई, भ्रामक वीडियो पर FIR दर्ज*  *आस्था पर प्रहार नहीं सहेंगे: चारधाम यात्रा पर अफवाह फैलाने वालों पर शिकंजा*
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वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खुले भगवान श्री बद्रीनाथ के कपाट, आस्था और उल्लास से गूंजा धाम*
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प्रधानमंत्री ने फिर व्यक्त की बाबा केदार में अटूट श्रद्धा* *सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए, केदारनाथ धाम के पिछले दौरों की तस्वीरें जारी की*
मुख्यमंत्री धामी ने ग्राउंड जीरो पर उतरकर बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान की गहन समीक्षा की*
मुख्यमंत्री धामी पहुंचे भारत के प्रथम सीमांत गांव माणा,*  *विकास कार्यों का लिया जायजा*  *शत-प्रतिशत “लखपति दीदी” गांव माणा बना आत्मनिर्भरता का मॉडल*
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चारधाम यात्रा के लिए प्रेषित की शुभकामनाएं* *डिजिटल उपवास पर रहते हुए, उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लें तीर्थयात्री*
श्रद्धा, आस्था और दिव्यता की अद्भुत त्रिवेणी ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ के कपाट विधि-विधान के साथ खुले*
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नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर सीएम धामी का विपक्ष पर तीखा प्रहार — “महिलाओं के अधिकारों में बाधा डालने वालों को मातृशक्ति देगी करारा जवाब”*
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कुछ वर्षों से बस्ती में क्यों आ रहे है जंगली जानवर

कुछ वर्षों से बस्ती में क्यों आ रहे है जंगली जानवर

आज से लगभग 20 साल पहले तक जंगली जानवर रात को जंगलों के आस पास बसे गांवों में ही आते थे लेकिन कुछ वर्षों से हाथी गुलदार जैसे जानवर गांव ही क्या शहर के बीच भी आने की खबरें मिल रही हैं।

भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार सन 2008 से 2023 के बीच इन 15 वर्षों में 3 लाख से भी अधिक वनभूमि का डाय वर्जन हुआ।

पिछले 5 सालों में देश के 33 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सबसे अधिक 90 हजार हेक्टेयर वनभूमि सड़क और खनन के लिए प्रयोग में लाई गई।

लाखों हेक्टेयर वन भूमि पर पेड़ कटने के कारण जंगली जानवर रिहायशी इलाकों में आने लगे हैं,जिसके कारण मनुष्य और जंगली जानवरों के बीच संघर्ष शुरू हो गया है।

जंगलों में कमी आने के कारण जंगली जानवर भी कम हो रहे हैं,जो पर्यावरण के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं।

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