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उद्यमिता विकास के लिए मनोवैज्ञानिक विधि जरूरी – पाण्डेय

उद्यमिता विकास के लिए मनोवैज्ञानिक विधि जरूरी – पाण्डेय

नरेंद्रनगर । धर्मानंद उनियाल राजकीय महाविद्यालय नरेंद्रनगर टिहरी गढ़वाल में चल रहे उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम के सातवें दिन भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान अहमदाबाद के परियोजना अधिकारी विजय पांडे द्वारा छात्र छात्राओं को मनोवैज्ञानिक गेम्स के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया।

उपलब्धि अभिप्रेरणा प्रशिक्षण गेम और रचनात्मकता खेल के माध्यम से छात्र छात्राओं को समूह विभक्तिकरण से  मनोवैज्ञानिक अधिगम के सूत्र सिखाए गए। इस अवसर पर पाण्डेय ने कहा कि जोखिम और अनिश्चितता के बीच मनोवैज्ञानिक रूप से उद्यमिता की आधारशिला रखी जा सकती है।

प्रशिक्षण के प्रथम सत्र में महाविद्यालय की असिस्टेंट प्रोफेसर नताशा द्वारा उत्तराखंड की भौगोलिक विविधता में महिला सशक्तिकरण हेतु स्वयं सहायता समूह की भूमिका एवं छात्राओं की रुचि के अनुसार व्यवसाय प्रबंधन में सेल्फ हेल्प ग्रुप कैसे बनाया जाय, इस पर प्रशिक्षण दिया गया। अपने संबोधन में नताशा ने कहा की उत्तराखंड के उत्पाद पिसा हुआ नमक, अचार, जूस, हर्बल उत्पाद में कैसे उद्यमिता के स्वरूप को विककसित कर उत्तराखंड ब्रांड को प्रसिद्धि मिल सकती है।

प्रशिक्षण नोडल डॉक्टर संजय महर ने बताया की व्यावहारिक प्रशिक्षण हेतु छात्र छात्राओं को आगराखाल, चंबा एवं कानाताल भ्रमण करवाया जाएगा। प्राचार्य प्रो0 उभान ने मनोवैज्ञानिक शिक्षा को उद्यमिता हेतु आवश्यक बताया। इस अवसर पर डॉक्टर राजपाल, मेहुल, मनीष, शिशुपाल, अजय, प्रिया, राहुल, शिवानी इत्यादि उपस्थित थे।

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