Headline
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सच हो रहा विकसित भारत का संकल्प – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सच हो रहा विकसित भारत का संकल्प – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
*न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी, सुलभ एवं सुदृढ़ बनाने में “जूडिशियम 2.0” महत्वपूर्ण पहल : मुख्यमंत्री*
*न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी, सुलभ एवं सुदृढ़ बनाने में “जूडिशियम 2.0” महत्वपूर्ण पहल : मुख्यमंत्री*
ब्रिक्स मंच पर चमका उत्तराखंड का आपदा प्रबंधन मॉडल, सिल्क्यारा रेस्क्यू की गूंज अंतरराष्ट्रीय स्तर तक*
6 करोड़ रुपए से जनपद अल्मोड़ा में कराई जाएगी तारबाड़। खेती होगी सुरक्षित : मुख्यमंत्री*
6 करोड़ रुपए से जनपद अल्मोड़ा में कराई जाएगी तारबाड़। खेती होगी सुरक्षित : मुख्यमंत्री*
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी पूज्य माता जी के नाम से पौधा रोपित किया*
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी पूज्य माता जी के नाम से पौधा रोपित किया*
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में जनपदीय विकास कार्यों की समीक्षा बैठक*
पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना में उत्तराखण्ड ने देशभर में लहराया परचम, चार प्रमुख श्रेणियों में प्राप्त किया प्रथम स्थान”
पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना में उत्तराखण्ड ने देशभर में लहराया परचम, चार प्रमुख श्रेणियों में प्राप्त किया प्रथम स्थान”
मुख्यमंत्री आवास परिसर में 3-बी गार्डन (बी-फ्रेंडली, बटरफ्लाई-फ्रेंडली एवं बर्ड-फ्रेंडली गार्डन) के निर्माण कार्य का शुभारम्भ*
मुख्यमंत्री ने 9.74 लाख लाभार्थियों को 176.59 करोड़ रूपये की पेंशन राशि हस्तांतरित की*
मुख्यमंत्री ने 9.74 लाख लाभार्थियों को 176.59 करोड़ रूपये की पेंशन राशि हस्तांतरित की*

स्कूलों में स्मार्टफोन ले जाने के मामले में दिशा- निर्देश हुए तय, जानिए क्या नियम किए गए लागू 

स्कूलों में स्मार्टफोन ले जाने के मामले में दिशा- निर्देश हुए तय, जानिए क्या नियम किए गए लागू 

स्कूल में फोन बैन को लेकर दिशा निर्देश तय करने की मांग की गई थी 

स्मार्ट फोन ले जाने को लेकर कोई प्रतिबंध नहीं 

दिल्ली। हाईकोर्ट ने स्कूलों में स्मार्टफोन ले जाने के मामले में दिशा निर्देश तय किए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों में छात्रों द्वारा स्मार्ट फोन ले जाने को प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता है। हालांकि, स्कूल फोन की निगरानी कर सकेंगे। न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंभानी की अदालत द्वारका स्थित केंद्रीय विद्यालय के एक छात्र की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में स्कूल में फोन बैन को लेकर दिशा निर्देश तय करने की मांग की गई थी।

बहस के दौरान केंद्रीय विद्यालय संगठन ने तीन प्रमुख सर्कुलर सामने रखे, जिसमें स्कूलों में फोन के इस्तेमाल पर बैन की बात कही गई थी। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि फोन को लेकर अभी तक नकारात्मक परिणाम सामने नहीं आए हैं। ऐसे में अदालत ने स्कूलों में फोन की अनुमति देते हुए अदालत के आदेश की एक प्रति सीबीएसई मुख्यालय को भेजे जाने के निर्देश दिए हैं।

अदालत ने तय किए दिशा निर्देश

1. छात्रों को स्कूल में स्मार्टफोन ले जाने से नहीं रोका जाना चाहिए, लेकिन स्कूल में स्मार्टफोन के उपयोग की निगरानी की जानी चाहिए।

2. छात्रों को स्कूल में प्रवेश करते समय अपने स्मार्टफोन जमा करने और घर लौटते समय उन्हें वापस लेने की व्यवस्था होनी चाहिए।

3. स्मार्टफोन से कक्षा में शिक्षण, अनुशासन या समग्र शैक्षिक वातावरण में बाधा नहीं आनी चाहिए। इसके लिए, कक्षा में स्मार्टफोन के उपयोग को प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। स्कूल के सामान्य क्षेत्रों के साथ-साथ स्कूल वाहनों में भी स्मार्टफोन पर कैमरों और रिकॉर्डिंग को प्रतिबंधित किया जाना चाहिए।

4. स्कूलों को छात्रों को डिजिटल शिष्टाचार और स्मार्टफोन के नैतिक उपयोग के बारे में शिक्षित करना चाहिए।

5. स्कूल में स्मार्टफोन के उपयोग की निगरानी करने की नीति माता-पिता, शिक्षकों और विशेषज्ञों के परामर्श से बनाई जानी चाहिए।

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top