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*मुख्यमंत्री ने ‘ज्ञान गंगा सम्मान समारोह’ में शिक्षकों को किया सम्मानित, मेधावी विद्यार्थियों को प्रदान की छात्रवृत्ति*
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कुंभ मेला 2027 के लिए उत्तराखंड को अतिरिक्त खाद्यान्न आवंटित,मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में तंजानिया स्थित अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो का सफल आरोहण करने वाले उत्तराखंड के नन्हे पर्वतारोही मास्टर रियांश पंत और प्रिशा रावत ने भेंट की।
मुख्यमंत्री ने किया ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ*  *प्रथम चरण में 11 हजार छात्र-छात्राओं को निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग से जोड़ा जाएगा*
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*हिमालय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘हिमालयो नाम नगाधिराजः’ कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री*  *मुख्यमंत्री की घोषणा-हर वर्ष प्रदान किया जाएगा ‘हिमालय विभूति सम्मान’*
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उत्तराखंड में आज से शुरू होने जा रही मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना*  *मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज करेंगे मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना का शुभारंभ*
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने देखी आध्यात्मिक फिल्म ‘हनुमान अंश’, नीम करौली बाबा की भक्ति और सेवा भावना से हुए अभिभूत*
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स्वास्थ्य मंत्री ने फार्मेसी अधिकारियों की समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को दिये आवश्यक कार्यवाही के निर्देश*
पशुपालन तथा गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग के 101 नवनियुक्त कार्मिकों को मुख्यमंत्री ने प्रदान किए नियुक्ति पत्र*
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नाबालिग के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में दोषी को सुनाई मौत की सजा

नाबालिग के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में दोषी को सुनाई मौत की सजा

नई दिल्ली। तीस हजारी कोर्ट ने 2019 में एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में दोषी को मौत की सजा सुनाई। इस दौरान अदालत ने कहा कि वह समाज के लिए खतरा था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बबीता पुनिया ने व्यक्ति के पिता राम सरन को भी अपने बेटे और दोषी राजेंद्र की ओर से किए गए दुष्कर्म के सबूत मिटाने के लिए एक निर्दोष असहाय बच्चे की भीषण हत्या में भाग लेने के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

अदालत ने कहा कि राजेंद्र से सुधार की कोई संभावना नहीं है और उसे समाज से निकाल दिया जाना चाहिए। उसे पॉक्सो अधिनियम और आईपीसी के प्रावधानों के तहत सजा सुनाई गई। साथ ही अदालत ने संबंधित प्रावधानों के तहत दोनों पर जुर्माना भी लगाया। अदालत ने राजेंद्र और उसके पिता को इस मामले में 24 फरवरी को दोषी ठहराया गया था। नाबालिग लड़की नौ फरवरी 2019 को लापता हो गई थी और दो दिन बाद उसका शव एक पार्क में प्लास्टिक की रस्सी से बंधा हुआ मिला था।

न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा कि अपराध की प्रकृति और समाज की कमजोर बच्चों को भयावह अनुभवों से बचाने की रुचि के कारण कड़ी सजा की आवश्यकता है। पीड़िता की उम्र और उसकी असहाय स्थिति के अलावा कोर्ट इस तथ्य से विशेष रूप से परिचित है कि दोषी राजेंद्र ने अपनी यौन इच्छाओं को शांत करने के लिए मासूम और कमजोर लड़की को अपना शिकार बनाया। अदालत ने दोषी के आपराधिक रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि उसने पहले भी एक नाबालिग लड़की का अपहरण किया था। दोषी पर यौन उत्पीड़न करने और नाबालिग होने का नाटक करके जमानत हासिल करने का आरोप लगाया गया।

अदालत ने कहा कि जमानत पर रहते हुए उसने पीड़िता को अपनी यौन इच्छाओं का शिकार बनाया और अपने पिता की मदद से उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। न्यायाधीश ने कहा कि पहले यौन अपराध में जमानत देकर उसे कानून की अदालत ने खुद को सुधारने का मौका दिया था। हालांकि, खुद को सुधारने और देश का एक अच्छा नागरिक बनने के लिए उस अवसर का लाभ उठाने के बजाय, उसने एक और भी जघन्य अपराध किया। अदालत ने कहा कि अगर दोषी के प्रति नरमी बरती गई तो वह पीड़ित और समाज के प्रति अपने कर्तव्य में विफल होगी, जो ऐसे जघन्य अपराधों में कड़ी सजा के हकदार हैं। न्यायाधीश ने कहा कि बच्ची को राजेंद्र ने बिना किसी पश्चाताप के मार डाला, मानो वह अब जीने लायक ही नहीं थी।

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