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झूला पुल के दोनों तरफ है जानलेवा

झूला पुल के दोनों तरफ है जानलेवा

देवप्रयाग सतपुली मोटर मार्ग के निकट सरोड़ा मरोड़ा में नयार नदी पर बना पुल दो गांव ही नहीं बल्कि दो विधानसभा पौड़ी यमकेश्वर,दो ब्लॉक कल्जीखाल द्वारीखाल, दो पट्टी मनियारस्यूं और लंगूर वल्ला को आपस में जोड़ता है।

देवप्रयाग सतपुली मोटर मार्ग के नीचे की चट्टान हर साल टूट जाती है,जिसके कारण यह पैदल रास्ता चलने लायक नहीं रहता।

यह झुलापुल आस पास के गांवों के आवागमन का एकमात्र साधन है, लेकिन इस पुल के दोनों तरफ का रास्ता जानलेवा होने के कारण इस रास्ते पर चलने वाले लोग हर समय दहशत में रहते है। यह पैदल रास्ता चलने लायक नहीं है,आपको बताते चलें की इस पैदल रास्ते पर अभी तक किसी लोगों की जान जा चुकी है।

12 जनवरी 2023 को भी इस रास्ते पर चट्टान से गिरने के कारण एक लड़की की जान चली गई थी उसके बाद इस रास्ते को थोड़ा ठीक किया गया,लेकिन यह स्थाई समाधान नहीं है।

पहाड़ी पर लंगूर और बंदर भी दौड़ते रहते हैं,जिसके कारण चट्टान से पत्थर गिरते रहते हैं, इस रास्ते पर चलने के लिए लोगों को सौ बार सोचना पड़ता है,लेकिन मजबूरीवश जान जोखिम में जाना पड़ता है,क्योंकि इसके अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है।

पुल पार करने के बाद जब मरोड़ा की तरफ जाते हैं तो पहाड़ी से पत्थर गिरते है,पत्थर गिरने के कारण भी यहां पर जान माल की हनी चुकी है।

मरोड़ा गांव के लोगों ने कहा कि जब हमें सतपुली , सरोडा या कहीं भी पुल पार करके जाना होता है तो रातभर नींद नहीं आती,की सुबह इस रास्ते पर कैसे जाएंगे।

लोगों का कहना है कि झूला पुल मरोड़ा गांव के नीचे बनना चाहिए जिससे आवागमन सुलभ हो , और जान माल की हानि को रोका जा सके।

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