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मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में पत्रकारों के कल्याण एवं सम्मान के लिए महत्वपूर्ण निर्णय* *पत्रकार कल्याण कोष से चार दिवंगत पत्रकारों के आश्रितों को ₹5-₹5 लाख की आर्थिक सहायता की संस्तुति*
मुख्यमंत्री ने नशामुक्त उत्तराखण्ड वॉकथॉन को दिखाई हरी झंडी*  *नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार और पुलिस की नहीं, पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री*
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मुख्यमंत्री ने गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी लोकभाषाओं के वॉइस कलेक्शन पोर्टल का किया शुभारंभ*
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डीएम डॉ0 आशीष चौहान ने अधिकारियों, नगर निगम कर्मियों एवं विद्यालय की छात्राओं के साथ स्वयं उठाया कूड़ा, स्वच्छता का दिया संदेश*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने द टॉसब्रिज स्कूल के संस्कार दिवस समारोह में विद्यार्थियों को संस्कारों, अनुशासन और जीवन मूल्यों का महत्व समझाया।*
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दो अग्निवीरों के 40वीं वाहिनी पीएसी में समायोजन को दी मंजूरी* *सेवानिवृत्त होने वाले अग्निवीरों को मिलेगा सेवा का अवसर, उपलब्ध रिक्त पदों के सापेक्ष होगा समायोजन*
मेधावी विद्यार्थी उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य के आधार स्तंभ : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी*
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*मुख्यमंत्री धामी की घोषणा, ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को मिलेगी अतिरिक्त राहत*

स्व.अटल बिहारी वाजपेई एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी की जयंती पर विशेष भंडारा

स्व.अटल बिहारी वाजपेई एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी की जयंती पर विशेष भंडारा

“राहगीरों, निराश्रितों और साधु संतों को भंडारा कराया और कंबल वितरित किये”

“आज की परमार्थ गंगा आरती भारत के दोनों रत्नों को समर्पित की*

ऋषिकेश। भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी जी की 100 वीं जयंती और बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के संस्थापक भारत रत्न महामना पंडित मदनमोहन मालवीय जी की 163 वीं जयंती के अवसर पर परमार्थ निकेतन में विशेष यज्ञ का आयोजन किया गया। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने श्रद्धा और सम्मान के साथ इन दोनों अमर विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने अटल बिहारी बाजपेयी जी को याद करते हुए कहा कि अटल जी, अटल थे, सबल थे और निर्बलों के बल थे। वे जब भी किसी से मिलते थे, उनकी विनम्रता और वाणी में ऐसी शक्ति होती थी कि वह हर व्यक्ति के दिल में अपनी विशेष जगह बना लेते थे। उनका व्यक्तित्व सशक्त था और उनकी हर बात से समाज के हर वर्ग को एक दिशा मिलती थी।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा, कि आज के दिन की गंगा आरती को हम दोनों महान व्यक्तित्वों को समर्पित करते हैं। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि हम सभी को अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के प्रति निष्ठा और संकल्प से काम करना चाहिए। अटल जी ने हमेशा देश की सेवा की और समाज को प्रगति की दिशा दी।

इस अवसर पर परमार्थ निकेतन में एक विशाल भंडारे का आयोजन हुआ जिसमें राहगीरों, निराश्रितों, पूज्य संतों और साधुओं को भोजन कराया गया। यह भंडारा अटल जी की जयंती और पंडित मदनमोहन मालवीय जी की जयंती की श्रद्धांजलि के रूप में आयोजित किया गया। स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी और शिवोऽहम् चैरिटेबल ट्रष्ट गोर्वधन, मथुरा के श्री हरिशंकर जी शर्मा ने अपने हाथों से सभी को भोजन परेासा।

आज के दिन को तुलसी पूजन दिवस के रूप में भी मनाया जाता और कुछ लोग क्रिसमस के रूप में भी मनाते है इस अवसर पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि आज का दिन पेड़ काटने का नहीं, बल्कि पेड़ लगाने का है। स्वामी जी ने मध्यप्रदेश सरकार की पहल का स्वागत करते हुए कहा, मध्यप्रदेश सरकार ने वृक्षों को भी पेंशन देने की योजना बनाई है, जो एक बहुत ही सकारात्मक कदम है। वृक्ष हमें प्राणवायु प्रदान करते हैं और यह हमारे जीवन के लिए अनिवार्य हैं।

स्वामी जी ने कहा, आज के दिन हम केवल तुलसी का पौधे के साथ हर प्रकार के वृक्षों का रोपण करें, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी को ताजगी और शुद्ध वायु मिल सके।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने भारतीय संस्कृति की महत्वपूर्ण बातें साझा करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति हमेशा से जीवन को देने की ओर अग्रसर रही है। हमने कभी जीवन को छीनने का प्रयास नहीं किया, हम हमेशा से जीवन देने वाले रहे हैं, चाहे वह वृक्ष हों, वृद्ध हों या फिर हम स्वयं। यह हमारी संस्कृति की पहचान है, और हमें इसे संरक्षित करना होगा।

भारतीय संस्कृति का एक अहम अंग है प्रकृति की पूजा और संरक्षण। वृक्षों, नदियों और अन्य प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भारतीय जीवन का मूल आधार रहा है, और हमें इसे आगे बढ़ाना चाहिये।

आज की गंगा आरती में श्रद्धांजलि स्वरूप श्री अटल बिहारी बाजपेयी जी और पंडित मदनमोहन मालवीय जी को याद किया गया। आज की परमार्थ गंगा आरती भारत के दोनों रत्नों श्री अटल बिहारी बाजपेयी जी और पंडित मदनमोहन मालवीय जी की जयंती पर समर्पित की।

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