Headline
मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में पत्रकारों के कल्याण एवं सम्मान के लिए महत्वपूर्ण निर्णय* *पत्रकार कल्याण कोष से चार दिवंगत पत्रकारों के आश्रितों को ₹5-₹5 लाख की आर्थिक सहायता की संस्तुति*
मुख्यमंत्री ने नशामुक्त उत्तराखण्ड वॉकथॉन को दिखाई हरी झंडी*  *नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार और पुलिस की नहीं, पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री*
मुख्यमंत्री ने नशामुक्त उत्तराखण्ड वॉकथॉन को दिखाई हरी झंडी* *नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार और पुलिस की नहीं, पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री*
मुख्यमंत्री ने गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी लोकभाषाओं के वॉइस कलेक्शन पोर्टल का किया शुभारंभ*
मुख्यमंत्री ने गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी लोकभाषाओं के वॉइस कलेक्शन पोर्टल का किया शुभारंभ*
डीएम डॉ0 आशीष चौहान ने अधिकारियों, नगर निगम कर्मियों एवं विद्यालय की छात्राओं के साथ स्वयं उठाया कूड़ा, स्वच्छता का दिया संदेश*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने द टॉसब्रिज स्कूल के संस्कार दिवस समारोह में विद्यार्थियों को संस्कारों, अनुशासन और जीवन मूल्यों का महत्व समझाया।*
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने द टॉसब्रिज स्कूल के संस्कार दिवस समारोह में विद्यार्थियों को संस्कारों, अनुशासन और जीवन मूल्यों का महत्व समझाया।*
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दो अग्निवीरों के 40वीं वाहिनी पीएसी में समायोजन को दी मंजूरी* *सेवानिवृत्त होने वाले अग्निवीरों को मिलेगा सेवा का अवसर, उपलब्ध रिक्त पदों के सापेक्ष होगा समायोजन*
मेधावी विद्यार्थी उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य के आधार स्तंभ : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी*
मेधावी विद्यार्थी उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य के आधार स्तंभ : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी*
*मुख्यमंत्री धामी की घोषणा, ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को मिलेगी अतिरिक्त राहत*
धामी कैबिनेट ने लिए महत्वपूर्ण निर्णय, जानिए ये खास खबर
धामी कैबिनेट ने लिए महत्वपूर्ण निर्णय, जानिए ये खास खबर

नीतीश कुमार की सरकारी गाड़ी ने किया प्रदूषण नियमों का उल्लंघन, विपक्ष ने उठाए सवाल

नीतीश कुमार की सरकारी गाड़ी ने किया प्रदूषण नियमों का उल्लंघन, विपक्ष ने उठाए सवाल

बिहार। सुशासन बाबू के नाम से मशहूर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह सुशासन नहीं बल्कि उनकी सरकारी गाड़ी का प्रदूषण नियमों का उल्लंघन करना है। नीतीश कुमार की सरकारी गाड़ी का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (Pollution Control Certificate) 4 अगस्त को समाप्त हो गया था, लेकिन इसके बावजूद गाड़ी सड़कों पर दौड़ रही थी।

पहले का चालान भी पेंडिंग
यह मामला तब सामने आया जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार को रोहतास जिले के करगहर प्रखंड के कुशी बेतिया गांव में डीएम दिनेश कुमार राय के पिता की पुण्यतिथि में शामिल होने पहुंचे।
इससे पहले भी फरवरी 2024 में मुख्यमंत्री की गाड़ी का सीट बेल्ट न लगाने के लिए ₹1,000 का चालान किया गया था। लेकिन अब तक वह जुर्माना जमा नहीं किया गया है।

विपक्ष ने साधा निशाना
इस मुद्दे पर विपक्षी दल आरजेडी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। आरजेडी नेता विमल कुमार ने कहा,‘यह बिहार का दुर्भाग्य है कि मुख्यमंत्री की गाड़ी खुद प्रदूषण जांच में फेल हो गई है। आम जनता पर अनावश्यक जुर्माने लगाकर उन्हें परेशान किया जाता है, जबकि राज्य के कई मंत्रियों और अधिकारियों की गाड़ियां भी नियमों का उल्लंघन करती हैं। इससे सुशासन के दावों की पोल खुलती है।’

सामाजिक कार्यकर्ता की मांग
सामाजिक कार्यकर्ता आशुतोष कुमार ने मुख्यमंत्री की गाड़ी पर जुर्माना लगाने की मांग की। उन्होंने कहा, ‘अगर आम आदमी की गाड़ी का प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं होता, तो तुरंत चालान काट दिया जाता। मुख्यमंत्री की गाड़ी पर भी जुर्माना लगना चाहिए। यह कानून के प्रति समानता का संदेश देगा।’

क्या होगा कार्रवाई का अगला कदम?
मुख्यमंत्री की गाड़ी के प्रदूषण प्रमाणपत्र के खत्म होने और पहले के चालान के पेंडिंग होने पर प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। क्या मुख्यमंत्री की गाड़ी पर कार्रवाई होगी, या यह मामला भी अन्य मामलों की तरह अनदेखा कर दिया जाएगा?

यह देखना दिलचस्प होगा कि कानून सबके लिए समान है या नहीं। विपक्ष और सामाजिक कार्यकर्ताओं की आवाज़ पर क्या सरकार कोई कदम उठाएगी? या फिर यह सिर्फ एक और राजनीतिक बहस बनकर रह जाएगी?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top