Headline
फीस जमा न होने पर स्कूल ने किया परीक्षा से बाधित; डीएम ने प्रोजेक्ट नंदा-सुंनदा से दी विदुषी की फीस
तीन ‘ग्रोथ डाइवर्स’ करेंगे तीन बड़े लक्ष्यों की पूर्ति* *आत्मनिर्भरता की यात्रा में सरकार को कृषि, उद्योग व पर्यटन से सर्वाधिक आस*
₹1.11 लाख करोड़ का संतुलित बजट, विकसित उत्तराखंड की दिशा में मजबूत कदम: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी*
₹1.11 लाख करोड़ का संतुलित बजट, विकसित उत्तराखंड की दिशा में मजबूत कदम: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी*
मातृशक्ति की बेहतरी को संजीदा दिखी सरकार* *जेंडर बजट का आकार बढ़ाने से लेकर कई योजनाओं में बजट का प्रावधान*
आठ मूल मंत्रों से सरकार ने साधा संतुलन*  *राज्य सरकार के बजट में संतुलन के एक-एक अक्षर के गहरे अर्थ*  *सीएम ने विकास व प्रगति की सोच को अनूठे अंदाज में सामने रखा*
आठ मूल मंत्रों से सरकार ने साधा संतुलन* *राज्य सरकार के बजट में संतुलन के एक-एक अक्षर के गहरे अर्थ* *सीएम ने विकास व प्रगति की सोच को अनूठे अंदाज में सामने रखा*
समाज के हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़कर उत्तराखंड को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य: सीएम*
उत्तराखंड में वित्तीय अनुशासन और विकास के संतुलन को मजबूत करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2026–27 का बजट प्रस्तुत किया।
उत्तराखंड में वित्तीय अनुशासन और विकास के संतुलन को मजबूत करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2026–27 का बजट प्रस्तुत किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर 38 वरिष्ठ महिलाओं को किया सम्मानित, कहा— “पहाड़ की असली ताकत उसकी मातृशक्ति”*
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर 38 वरिष्ठ महिलाओं को किया सम्मानित, कहा— “पहाड़ की असली ताकत उसकी मातृशक्ति”*
नूतन न्याय संहिता पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का शुभारंभ* गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को बैरागी कैम्प में उत्तराखंड सरकार द्वारा नूनत न्याय संहिता” विषय पर आयोजित राज्यस्तरीय प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया
नूतन न्याय संहिता पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का शुभारंभ* गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को बैरागी कैम्प में उत्तराखंड सरकार द्वारा नूनत न्याय संहिता” विषय पर आयोजित राज्यस्तरीय प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया

पीएम विद्यालक्ष्मी योजना- मेधावी छात्रों के लिए आर्थिक सहायता, उच्च शिक्षा के रास्ते होंगे आसान

पीएम विद्यालक्ष्मी योजना- मेधावी छात्रों के लिए आर्थिक सहायता, उच्च शिक्षा के रास्ते होंगे आसान

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने मेधावी छात्रों को वित्तीय सहायता देने के लिए एक नई योजना, पीएम विद्यालक्ष्मी, को मंजूरी दी है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों को उच्च शिक्षा से वंचित न होने देना है। अब कोई भी छात्र जो प्रमुख शिक्षा संस्थानों में प्रवेश लेना चाहता है, उसे लोन आसानी से मिल सकेगा।

कौन हैं इसके पात्र?
यह योजना देश के प्रतिष्ठित शिक्षा संस्थानों में प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए है। NIRF रैंकिंग के आधार पर 860 संस्थानों का चयन किया गया है, और हर साल यह संख्या बढ़ाई जाएगी। इस योजना से लगभग 22 लाख छात्रों को फायदा होने की उम्मीद है।

कैसे मिलेगा शिक्षा लोन?
छात्रों को अब बिना गारंटर और बिना कोलेटरल के लोन मिलेगा, जिससे ट्यूशन फीस और कोर्स से जुड़े खर्चों का प्रबंध किया जा सकेगा। पूरी लोन प्रक्रिया डिजिटल होगी, जिससे आवेदन करने में सरलता होगी।

ब्याज में छूट
जिन छात्रों की वार्षिक आय 8 लाख रुपये तक है, उन्हें 3% ब्याज सबवेंशन (ब्याज में छूट) मिलेगी। इसके साथ ही, 7.5 लाख रुपये तक के लोन पर 75% क्रेडिट गारंटी भी दी जाएगी, जिससे लोन प्राप्त करना और चुकाना आसान होगा।

लोन आवेदन कैसे होगा?
छात्र पीएम विद्यालक्ष्मी पोर्टल के माध्यम से लोन के लिए आवेदन कर सकेंगे। इस पोर्टल पर आवेदन प्रक्रिया आसान और पारदर्शी होगी। ई-वाउचर और CBDC वॉलेट के जरिए ब्याज सबवेंशन का भुगतान भी संभव होगा।

लाभ का अनुमान और भविष्य
सरकार ने इस योजना के लिए अगले 7 सालों में 3,600 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है, जिससे 7 लाख छात्रों को ब्याज में छूट का लाभ मिलेगा। यह योजना गरीब और मेधावी छात्रों के लिए उच्च शिक्षा के रास्ते खोलने का एक बड़ा अवसर है।

उज्जवल भविष्य की ओर एक कदम
प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना शिक्षा के क्षेत्र में समावेशन बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सहायता करेगी, जिससे वे अपने सपनों को साकार कर सकेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top