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मुख्यमंत्री ने गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी लोकभाषाओं के वॉइस कलेक्शन पोर्टल का किया शुभारंभ*
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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने द टॉसब्रिज स्कूल के संस्कार दिवस समारोह में विद्यार्थियों को संस्कारों, अनुशासन और जीवन मूल्यों का महत्व समझाया।*
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दो अग्निवीरों के 40वीं वाहिनी पीएसी में समायोजन को दी मंजूरी* *सेवानिवृत्त होने वाले अग्निवीरों को मिलेगा सेवा का अवसर, उपलब्ध रिक्त पदों के सापेक्ष होगा समायोजन*
मेधावी विद्यार्थी उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य के आधार स्तंभ : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी*
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*मुख्यमंत्री धामी की घोषणा, ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को मिलेगी अतिरिक्त राहत*
धामी कैबिनेट ने लिए महत्वपूर्ण निर्णय, जानिए ये खास खबर
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देहरादून तक सीमित नहीं रहेंगी सरकार की महत्वपूर्ण बैठकें, जनपदों तक पहुंच रही निर्णय लेने की प्रक्रिया* *मुख्यमंत्री धामी की नई पहल से सरकार और जनता के बीच संवाद को मिलेगी मजबूती*

परमार्थ निकेतन में देश विदेश से आए श्रद्धालुओं ने देश के बहादुर सैनिकों के नाम पर प्रज्वलित किये दीपावली के दीप

परमार्थ निकेतन में देश विदेश से आए श्रद्धालुओं ने देश के बहादुर सैनिकों के नाम पर प्रज्वलित किये दीपावली के दीप

लोकल दीपावली, ग्लोबल दीपावली

दीपावली का पर्व आध्यात्मिक और आर्थिक समृद्धि का आधार

दीपावली का एक दीया सभी के दिलों में भी प्रज्वलित हो

सीमाओं की रक्षा, संस्कृति की सुरक्ष

आज की परमार्थ गंगा आरती भारत के सरदार, असरदार और शिल्पकार जिन्होंने रियासतों का एकीकरण ही नहीं किया बल्कि भारतीयों के दिलों को भी एक किया, ऐसे अखण्ड भारत के निर्माता, राष्ट्रीय एकता के प्रतीक लौह पुरूष सरदार वल्लभभाई पटेल जी को समर्पित की।

ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी और डिवाइन शक्ति फाउंडेशन की अध्यक्ष साध्वी भगवती सरस्वती जी ने माँ गंगा के पावन तट पर श्री गणेश जी व लक्ष्मी जी का वेदमंत्रों व शंख ध्वनि के साथ पूजन-अर्चन कर भारत की समृद्धि की प्रार्थना की। इस अवसर पर भारत सहित विश्व के अनेक देशों से आये श्रद्धालुओं ने सहभाग कर इस पावन अवसर की दिव्यता का आनंद लिया। वेदमंत्रों की पवित्र ध्वनि और शंख की गुंजायमान ध्वनि ने समस्त वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

सभी ने मिलकर परमार्थ प्रांगण को दीपों से सुसज्जित कर रोशनी और खुशियों का उत्सव मनाया। विदेशियों ने भी परमार्थ प्रांगण में दीप प्रज्वलित कर खुशियाँ मनायी। आज का यह क्षण सामूहिक भक्ति, एकता, प्रेम और समृद्धि का दिव्य संदेश दे रहा है, लोकल दीपावली, ग्लोबल दीपावली के साक्षात दर्शन हो रहे हैं। आज केवल भारत नहीं बल्कि पूरी दुनिया दीपावली मना रही है। आज वही अयोध्या जिसकी कभी सूनी सड़कें, गंदी गलियां, राह निहारते घाट और हाट थे कि कोई तो आये आज वहीं जगमगा रही है और पूरे विश्व का स्वागत कर रही है तथा पूरा विश्व अयोध्या में प्रभु श्री राम का अभिनन्दन कर रहा है।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि दीपावली, रोशनी और खुशियों का पर्व है, आध्यात्मिक और आर्थिक समृद्धि का आधार है। यह पर्व न केवल हमारे घरों को प्रकाशित करता है, बल्कि हमारे हृदयों में भी उजाला भरता है। दीयों का यह उजाला वैश्विक शांति, सद्भाव, समरसता और समृद्धि के रूप में पूरे विश्व को प्रकाशित करे यही प्रभु से प्रार्थना है।

दीपावली का पर्व केवल बाहरी स्वच्छता और रोशनी का नहीं है, बल्कि यह हमें आत्म-निरीक्षण और आत्म-सुधार का भी अवसर प्रदान करता है। यह पर्व हमें सिखाता है कि जिस प्रकार हम अपने घरों और आस-पास की सफाई करते हैं, उसी प्रकार हमें अपने भीतर भी साफ-सफाई भी करना जरूरी है। हमारे भीतर जो भी दूर्गुण, नकारात्मकता और भेदभाव के जाले हैं, उन्हें दूर करना जरूरी है। दीपावली का पर्व हमें इस दिव्य अवसर का उपहार देता है कि हम अपने भीतर की स्वच्छता और पवित्रता को बनाए रखें।

दीपावली का पर्व आर्थिक समृद्धि और खुशहाली का भी प्रतीक आज के दिन लोग अपने व्यवसायों में प्रगति की कामना करते हुये धन की देवी लक्ष्मी की पूजा करते हैं।

दीपावली का पर्व केवल बाहरी चमक-दमक का नहीं, बल्कि आंतरिक समृद्धि और सोच की नवीनीकरण का भी पर्व है। जिस तरह हम दीपावली पर अपने बहीखाते और हिसाब-किताब की नयी शुरुआत करते हैं, उसी तरह हमें अपनी नकारात्मक सोच और आदतों को भी बदलना हो क्योंकि यही वास्तविक विकास का आधार है। हमारी सोच की समृद्धि ही वास्तविक समृद्धि है।

साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा कि यही समय है जब हम अपने भीतर के अंधकार को दूर करें और सकारात्मकता के साथ आशा का दीप जलाएं। आइए, इस दीपावली पर हम संकल्प लें कि हम न केवल अपने घरों और आस-पास को रोशन करेंगे, बल्कि अपने दिलों को भी रोशन करेंगे।

इस दीपावली पर, आइए हम सब मिलकर एक दीया बने। स्वयं जले और दूसरों को रोशन करें। अपने जीवन को प्रकाशित करते हुये अपने आसपास के लोगों के जीवन में भी उजाला भरें। जब हम अपने भीतर के प्रकाश को जगाते हैं, तभी हम दूसरों के जीवन में भी रोशनी ला सकते हैं। यह पर्व हमें आत्मिक शांति, प्रेम, और समर्पण का संदेश देता है।

दीपावली के इस पवित्र पर्व पर, आइए हम सभी मिलकर अपने जीवन को और दूसरों के जीवन को रोशन करें। स्वयं जले और दूसरों को रोशन करें।

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