गांधी जी ने वर्षों पहले ही नदियों में बढ़ती गंदगी पर चर्चा करते हुए लिखा था, “आधुनिक व्यस्त जीवन में तो हमारे लिये इन नदियों का मुख्य उपयोग यही है कि हम उनमें गंदी नालियाँ छोड़ते हैं और माल से भरी नौकाएं चलाते हैं। हम इन कार्यों से नदियों को मलिन से मलिनतर बनाते चले […]


